विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Pmay G 3 12 Crore Houses Completed Under Rural Housing Scheme 79 Lakh Houses Under Construction Minister

PMAY-G: ग्रामीण आवास योजना के तहत बने 3.12 करोड़ घर, 79 लाख मकान निर्माणाधीन- ग्रामीण विकास राज्य मंत्री

गांव जंक्शन डेस्क, दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 08 Aug 2026 01:10 PM IST
सार

घरों का निर्माण बेहतर गुणवत्ता के साथ हो, इसके लिए सरकार ने Rural Mason Training (RMT) Program शुरू किया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर बनाने वाले राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने का काम तेजी से जारी है। सरकार के अनुसार, 3 अगस्त 2026 तक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 4.18 करोड़ घरों का लक्ष्य दिया गया है। इनमें से 3.91 करोड़ घर स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 3.12 करोड़ घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, 79 लाख स्वीकृत घर अभी निर्माणाधीन हैं। यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 32.47 लाख घर स्वीकृत किए गए और 26.57 लाख घरों का निर्माण पूरा हुआ। इन आंकड़ों में पिछले वित्त वर्षों में स्वीकृत किए गए घर भी शामिल हैं। 

लाभार्थी अपनी निगरानी में बनवाते हैं घर
PMAY-G की खास बात यह है कि योजना के तहत घर का निर्माण लाभार्थी स्वयं या अपनी निगरानी में कराता है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्थानीय मौसम और परिस्थितियों के अनुसार घरों के डिजाइन के विकल्प उपलब्ध कराने होते हैं। घर बनाने में स्थानीय सामग्री और क्षेत्र के अनुकूल तकनीक के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दिया जाता है। 

राज्य सरकारें लाभार्थियों को निर्माण सामग्री प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध कराने में मदद कर सकती हैं। ग्रामीण आवास के अलग-अलग मॉडल और डिजाइन की जानकारी के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘PAHAL’ नाम से ग्रामीण आवास टाइपोलॉजी का एक संकलन तैयार किया है। इसे PMAY-G की वेबसाइट और AwaasApp के माध्यम से देखा जा सकता है।

गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण
घरों का निर्माण बेहतर गुणवत्ता के साथ हो, इसके लिए सरकार ने Rural Mason Training (RMT) Program शुरू किया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर बनाने वाले राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित राजमिस्त्री तैयार करना है, ताकि PMAY-G के तहत बनने वाले घर मजबूत और टिकाऊ हों।

समय पर घर बनाने के लिए सरकार के कई कदम
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, PMAY-G के तहत घरों का निर्माण समय पर पूरा कराने के लिए कई स्तरों पर निगरानी की जा रही है। इनमें शामिल हैं- 
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समय पर लक्ष्य देना।
  • पर्याप्त राशि जारी करना।
  • योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करना।
  • डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी और पर्यवेक्षण करना।
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित कार्यशालाएं आयोजित करना।
  • Rural Mason Training Program के जरिए राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देना।

पक्के घर के साथ पानी, बिजली और LPG की सुविधा
PMAY-G के लाभार्थियों को केवल घर ही नहीं, बल्कि अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। योजना के तहत लाभार्थी परिवारों को जल जीवन मिशन (JJM) और हर घर नल से जल जैसी योजनाओं के माध्यम से पाइप से पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है। इसी तरह संबंधित योजनाओं के माध्यम से बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है। पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) या अन्य संबंधित योजनाओं के तहत LPG कनेक्शन भी दिया जाता है।

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष प्रोजेक्ट
PMAY-G के दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना के कुल लक्ष्य का 5 प्रतिशत तक हिस्सा विशेष परियोजनाओं के लिए रखा जा सकता है। इसका इस्तेमाल बाढ़, भूकंप, आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण पूरी तरह या काफी हद तक क्षतिग्रस्त हुए घरों वाले परिवारों के पुनर्वास या स्थानांतरण के लिए किया जा सकता है।

SC/ST परिवारों के लिए कम से कम 60% लक्ष्य
PMAY-G के तहत राष्ट्रीय स्तर पर कुल लक्ष्य का कम से कम 60 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) परिवारों के लिए निर्धारित किया गया है। हालांकि, इसका लाभ संबंधित श्रेणी के पात्र लाभार्थियों की उपलब्धता के आधार पर दिया जाता है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्के घर उपलब्ध कराने का काम भी किया जा रहा है।

विशेष परियोजनाओं और आकांक्षी जिलों में खर्च
सरकार के अनुसार, पिछले दो वित्तीय वर्षों में PMAY-G के तहत विशेष परियोजनाओं पर 528.04 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, आकांक्षी जिलों में 17,281.58 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें केंद्र और राज्य दोनों के हिस्से की राशि शामिल है। PM-JANMAN के तहत वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में PVTG लाभार्थियों के लिए केंद्र की ओर से 2,465.38 करोड़ रुपये जारी किए गए। इन निधियों के मुकाबले केंद्र और राज्यों के योगदान को मिलाकर कुल 6,329.06 करोड़ रुपये का खर्च हुआ।

राज्यों को आवंटन, जिलों में वितरण की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की
PMAY-G के तहत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राशि आवंटित करती है। प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को एक इकाई माना जाता है।इसके बाद राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें अपने स्तर पर इस राशि को अलग-अलग जिलों में वितरित करती हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में राज्यों का प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 में PMAY-G के तहत कई राज्यों में बड़ी संख्या में घर स्वीकृत और पूरे किए गए। मध्य प्रदेश में 5,59,011 घर स्वीकृत हुए और 4,90,185 घर पूरे किए गए। महाराष्ट्र में 9,40,849 घर स्वीकृत हुए और 4,42,074 घर पूरे हुए। बिहार में 4,73,839 घर स्वीकृत और 2,63,151 घर पूरे हुए। छत्तीसगढ़ में 3,44,463 घर स्वीकृत किए गए और 5,92,508 घरों का निर्माण पूरा हुआ। असम में 3,40,977 घर स्वीकृत और 1,35,426 घर पूरे हुए। राजस्थान में 2,24,458 घर स्वीकृत और 2,02,234 घर पूरे किए गए। कर्नाटक में 1,84,301 घर स्वीकृत और 18,840 घर पूरे हुए। झारखंड में 1,48,640 घर स्वीकृत और 40,870 घर पूरे किए गए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन