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महंगा होगा पाम ऑयल? : इस देश से आता है दुनिया का 57% पाम ऑयल, जनवरी से बदलेंगे निर्यात नियम, भारत पर असर संभव

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 09 Oct 2026 09:39 AM IST
सार

  • इंडोनेशिया के नए निर्यात नियमों से 2027 में पाम ऑयल की वैश्विक सप्लाई घटने की आशंका
  • बायोडीजल में 50 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने की तैयारी
  • जनवरी से सरकारी कंपनी के जरिए संचालित हो सकती है निर्यात व्यवस्था
  • भारत में पाम ऑयल की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है असर
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाम ऑयल की कीमतों पर बढ़ सकता है दबाव

इंडोनेशिया के निर्यात नियमों में बदलाव से पाम ऑयल की सप्लाई में गिरावट का खतरा
इंडोनेशिया के निर्यात नियमों में बदलाव से पाम ऑयल की सप्लाई में गिरावट का खतरा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दुनिया में पाम ऑयल की करीब 57 प्रतिशत सप्लाई करने वाला इंडोनेशिया निर्यात के नियमों में बदलाव करने जा रहा है। इंडोनेशियन पाम ऑयल एसोसिएशन के अनुसार, देश में बायोडीजल की खपत बढ़ने और निर्यात व्यवस्था बदलने से 2027 में अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए पाम ऑयल की उपलब्धता घट सकती है। इससे इसकी कीमतों पर बढ़ने का दबाव पड़ सकता है। भारत भी पाम ऑयल के लिए इंडोनेशिया से बड़ी मात्रा में आपूर्ति प्राप्त करता है।

जनवरी से बदलेंगे निर्यात के नियम
इंडोनेशिया जनवरी से पाम ऑयल जैसे प्रमुख उत्पादों के निर्यात की जिम्मेदारी सरकारी कंपनी के जरिए संचालित करने की योजना बना रहा है। दिसंबर तक निर्यातक विदेशी खरीदारों से सीधे कारोबार कर सकेंगे, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी संबंधित सरकारी कंपनी को देनी होगी।

जनवरी से यह कंपनी निर्यात अनुबंधों, अनुमतियों, शुल्क और विदेशी मुद्रा से मिलने वाली रकम की निगरानी करेगी। इंडोनेशिया जनवरी में प्रमुख खनिजों और वस्तुओं के लिए एक नया व्यापार मंच शुरू करने की भी तैयारी कर रहा है। इसके जरिए पाम ऑयल सहित प्रमुख वस्तुओं की घरेलू बाजार की स्थितियों के आधार पर संदर्भ कीमत तय करने की योजना है।

बायोडीजल में 50 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य
इंडोनेशिया बायोडीजल में मिश्रण का लक्ष्य बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की तैयारी कर रहा है। इसे 2027 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य है। इंडोनेशियन पाम ऑयल एसोसिएशन के अनुसार, फिलहाल देश की बायोडीजल उत्पादन क्षमता इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। हालांकि, घरेलू स्तर पर बायोडीजल की खपत बढ़ने से निर्यात के लिए उपलब्ध कच्चे पाम ऑयल की मात्रा घट सकती है।

वैश्विक बाजार में पाम ऑयल की सप्लाई घटने का खतरा
संगठन के अनुसार, इन बदलावों का असर 2027 में अधिक साफ हो सकता है। इससे निर्यात से होने वाली कमाई, सरकारी राजस्व और उद्योग को मिलने वाले वित्तीय संसाधनों पर भी असर पड़ने की आशंका है।संगठन ने कहा है कि निर्यात व्यवस्था में बदलाव और बायोडीजल की बढ़ती खपत से वैश्विक बाजार में पाम ऑयल की आपूर्ति घट सकती है, जिससे कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव पड़ेगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करना जरूरी होगा।
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