विज्ञापन
Home› Khabar Junction› No Compromise On Farmers Interests In India Us Trade Deal Piyush Goyal Says People Will Be Pleased Once The

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसान हित से समझौता नहीं : पीयूष गोयल बोले- शर्तें सामने आते ही लोग जताएंगे खुशी

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Thu, 29 Oct 2026 07:08 PM IST
सार

  • पीयूष गोयल के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में किसानों के संवेदनशील हितों की रक्षा की गई है
  • समझौते की शर्तें सार्वजनिक होने पर स्थिति साफ होने की बात कही
  • केंद्रीय मंत्री ने समझौते को लेकर हो रही आलोचनाओं पर सवाल उठाए
  • सरकार ने किसानों और घरेलू उत्पादकों के हित सुरक्षित रखने का दावा किया

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल - फोटो : गांव जंक्शन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते में देश के किसानों के संवेदनशील हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि समझौते की शर्तें सार्वजनिक होने पर पसा साफ हो जाएगा कि भारत इससे बहुत मजबूत और फायदे की स्थिति में रहेगा।

शर्तें सामने आने पर लोग जताएंगे खुशी
'आईएसआईडी-आईडीआरए' (ISID-IDRA) के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समझौते में किसानों के हितों पर कोई आंच नहीं आने दी गई है। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि जब इस समझौते के ब्योरे सामने आएंगे, तो देश के लोग इस बात का स्वागत और खुशी का इजहार करेंगे कि हमारे किसानों या किसी भी अन्य हितधारक के एक भी संवेदनशील हित से कोई समझौता नहीं किया गया है।

बिना ब्योरे जाने राजनीति करने वालों पर सवाल
मंत्री पीयूष गोयल ने समझौते को लेकर हो रही आलोचनाओं पर बोलते हुए कहा कि कुछ तत्वों द्वारा इस व्यापार समझौते का राजनीतिकरण करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस समझौते के विवरण अभी पूरी तरह से बाहर आए ही नहीं हैं, तो फिर लोग किस बात की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने पूरे दृढ़ विश्वास के साथ कहा कि सरकार ने किसानों के संरक्षण को सर्वोपरि रखा है।

पुराने समझौतों में भी नहीं आई कोई खामी
केंद्रीय मंत्री ने पिछले पांच वर्षों में सरकार द्वारा किए गए व्यापार समझौतों का उदाहरण देते हुए कहा कि वे सभी समझौते पहले से ही सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किए गए किसी भी व्यापार समझौते में कोई ऐसी खामी या कमी नहीं निकाली जा सकी है जिससे घरेलू उत्पादकों या किसानों के हितों को नुकसान पहुंचा हो। सरकार यह सुनिश्चित करती है कि व्यापार समझौतों से देश के उत्पादकों की सुरक्षा बनी रहे।


विज्ञापन
विज्ञापन