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मेरठ में 2 नवंबर से किसान मेला : 100 से ज्यादा कंपनियां दिखाएंगी खेती की नई तकनीक

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Thu, 29 Oct 2026 07:22 PM IST
सार

मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय में 2 से 4 नवंबर तक किसान मेला लगेगा। ड्रोन प्रदर्शन, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिकों से खेती की समस्याओं का समाधान मिलेगा।

सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ में 2 से 4 नवंबर तक अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस बार मेले की थीम ‘वैज्ञानिक आधारित कृषि, खुशहाल किसान’ रखी गई है। मेले में 100 से अधिक कंपनियां अपने स्टॉल लगाएंगी। इसमें विभिन्न राज्यों के 50 हजार से अधिक किसानों के शामिल होने की संभावना है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि मेले का उद्देश्य किसानों तक खेती की नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी पहुंचाना है। आज किसान जलवायु परिवर्तन, फसल उत्पादन में कमी, मिट्टी की घटती गुणवत्ता और उपज का उचित मूल्य न मिलने जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। मेले में इन समस्याओं के समाधान और किसानों के लिए उपयोगी तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। खास तौर पर छोटे और सीमांत किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने पर जोर रहेगा।

ड्रोन से खेती का प्रदर्शन, आधुनिक मशीनों की भी मिलेगी जानकारी
विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ. सत्येंद्र खारी ने बताया कि तीन दिवसीय मेले में किसानों को कृषि शोध, उन्नत खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों, पशुपालन और पशु चिकित्सा से जुड़ी नई जानकारियां दी जाएंगी। मेले में ड्रोन का सजीव प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय के शोध केंद्रों पर किए जा रहे प्रयोगों और नई तकनीकों को देखने का मौका मिलेगा।

मेले में फसल विविधीकरण, उन्नत बीज, जैविक नियंत्रण, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, बागवानी, फूलों की खेती, औषधीय एवं सुगंधित पौधों, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।

उचित कीमत पर मिलेंगे बीज और उन्नत किस्मों की मिनी किट
मेले में गेहूं सहित रबी की दूसरी फसलों और सब्जियों की उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध होंगे। किसान यहां विश्वविद्यालय और विभिन्न कंपनियों की ओर से तैयार किए गए बीज खरीद सकेंगे। फलों, फूलों और सब्जियों की खेती से जुड़ी जानकारी भी दी जाएगी। 2 और 3 नवंबर को फल, फूल, सब्जियों और उनसे तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी, प्रतियोगिता और अवलोकन का आयोजन होगा। आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी मेले का प्रमुख आकर्षण रहेगी।

किसान गोष्ठी में वैज्ञानिक करेंगे समस्याओं का समाधान
मेले के तीनों दिन किसान गोष्ठी और कृषि चौपाल आयोजित की जाएगी। इसमें किसान सीधे वैज्ञानिकों से बातचीत कर अपनी खेती से जुड़ी समस्याएं रख सकेंगे। विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देंगे और किसानों को उपयोगी सुझाव देंगे।

मेले में मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। विश्वविद्यालय के डॉ. पीके सिंह के अनुसार, कृषि कंपनियों और प्रतिष्ठानों के लिए स्टॉल लगाने का पंजीकरण किया जा रहा है। मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और परिसर में पंडाल लगाने का काम शुरू हो चुका है। मेले का समापन और पुरस्कार वितरण 4 नवंबर को किया जाएगा।
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