सरकार को इथेनॉल खरीद की ऐसी नीति बनानी चाहिए, जो लंबे समय तक चले और अनाज और चीनी आधारित दोनों तरह के इथेनॉल कारखानों को फायदा मिले। यह सुझाव इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी की तरफ से आया है। संस्था का कहना है कि लागत में बढ़ोतरी की वजह से सरकार को इथेनॉल खरीद भआव और इस पर मिलने वाली छूट पर फिर से विचार करना चाहिए।
तेल कंपनियों के नए टेंडर के बाद उठी मांग
हाल ही में नए सप्लाई सीजन के लिए तेल विपणन कंपनियों ने लगभग एक हजार करोड़ लीटर इथेनॉल की खरीद के लिए टेंडर निकाला। गौर करने वाली बात यह रही कि इस टेंडर में गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे से बनने वाला इथेनॉल शामिल नहीं था।
सरकार ने चीनी को दी प्राथमिकता
जानकारों का कहना है कि इस कदम से सरकार चीनी की उपलब्धता में बढ़ोतरी तय करना चाहती है, क्योंकि कम बारिश की वजह से प्रमुख उत्पादक राज्यों में गन्ना की पैदावार पर असर पड़ सकता है। वहीं, नए पेराई सीजन का शुरुआती स्टॉक भी कमजोर है।
उद्योगों को नीतिगत सुरक्षा भी मिले, अगले सीजन पर नजर
फेडरेशन ने नए टेंडर के संदर्भ में माना कि खरीद का फैसला कच्चे माल की उपलब्था के हिसाब से होना चाहिए, लेकिन साथ में अनाज और गन्ना आधारित इथेनॉल बनाने वाले दोनों उद्योगों को नीतिगत सुरक्षा भी मिलनी चाहिए।
संस्था का कहना है कि आगामी सीजन में गन्ने की पैदावार के हिसाब से नियमों में बदलाव की गुंजाइश भी रहनी चाहिए।
इथेनॉल कार्यक्रम के लिए अनाज और गन्ना दोनों अहम
संस्था के महानिदेशक संजय गंजू अनाज और गन्ना आधारित दोनों तरह के इथेनॉल को भारत के इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के लिए जरूरी बताते हैं। उन्होंने दोनों उद्योगों को बराबरी की मौका देने की वकालत की।
छूट में कटौती की समीक्षा करे सरकार
संजय गंजू ने कहा कि अनाज की मौजूदा कीमतों और सरकार द्वारा दी जाने वाली 3 रुपये प्रति लीटर की छूट में कटौती को देखते हुए, कीमतों की समीक्षा करना जरूरी है। इससे अनाज से इथेनॉल बनाने वाले कारखानों को घाटे से बचाया जा सकेगा और इस उद्योग में निवेश बना रहेगा।
सी-हैवी शीरे से बनने वाले इथेनॉल के दाम में बढ़ोतरी की मांग
IFGE के शुगर बायोएनर्जी फोरम के चेयरमैन रवि गुप्ता ने सी-हैवी' शीरे से बनने वाले इथेनॉल की कीमतें बढ़ाने की मांग की है। इससे घरेलू उपयोग की चीनी कम किए बिना इथेनॉल उत्पादन में मदद मिलेगी।
गुप्ता के अनुसार, गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य और इसे बनाने की लागत में बढ़ोतरी के बावजूद, सी-हैवी शीरे से बने इथेनॉल का खरीद मूल्य अभी भी 57.97 रुपये प्रति लीटर ही है। उन्होंने बढ़ती लागत को देखते हुए इसके दाम समय पर बढ़ाने की मांग की है ताकि सप्लाई में कोई रुकावट न आए।
चीनी की MSP में बढ़ोतरी की मांग
शुगर बायोएनर्जी फोरम ने सरकार से चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य को बढ़ाने की मांग की। फोरम का तर्क है कि इस तरह चीनी मिलों की आर्थिक सेहत में सुधार होगा और किसानों को समय पर गन्ने का भुगतान हो सकेगा।