ग्रामीण महिलाओं के बनाए उत्पादों को बाजार दिलाने और उनकी कमाई बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सरस मेला 2026 का आयोजन आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय पहली बार दिल्ली-एनसीआर से बाहर इस मेले का आयोजन कर रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से यह मेला 13 से 31 अक्टूबर तक विजयवाड़ा के पुन्नमी घाट पर लगेगा। इसमें 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1,500 से ज्यादा महिला उद्यमी हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 15 अक्टूबर को मेले का उद्घाटन करेंगी।
महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने का मिलेगा मौका
राष्ट्रीय सरस मेला ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराता है। इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को नए ग्राहक खोजने, अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने और कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
यह आयोजन दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसका मकसद ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। यह पहल वर्ष 2029 तक देश में 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के प्रयासों से भी जुड़ी है।
देशभर के पारंपरिक उत्पाद होंगे आकर्षण
मेले में देश के अलग-अलग राज्यों की कला, हस्तशिल्प, कपड़े और पारंपरिक उत्पाद देखने और खरीदने का मौका मिलेगा। इनमें पंजाब की फुलकारी, जम्मू-कश्मीर की पश्मीना, तेलंगाना के इकत और तेलिया वस्त्र तथा मिजोरम की पुआनचई जैसी पारंपरिक कलाएं शामिल हैं।
इसके अलावा मीनाकारी, डोकरा कला, पीतल के सामान, लकड़ी की कलाकृतियां और विभिन्न क्षेत्रों की चित्रकला भी प्रदर्शित की जाएगी। देश के अलग-अलग हिस्सों के व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए मेले में 50 फूड स्टॉल लगाए जाएंगे।
कारोबार बढ़ाने के गुर सीखेंगी महिला उद्यमी
महिला उद्यमियों को कारोबार से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण देने के लिए मेले में अलग-अलग मंडप बनाए जाएंगे।
लखपति दीदी मंडप : यहां लखपति दीदी पहल और ग्रामीण महिलाओं के उद्यम से जुड़ी गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
ज्ञान मंडप : महिला उद्यमियों को उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और कारोबार बढ़ाने की जानकारी दी जाएगी।
समन्वय मंडप : महिलाओं को सरकारी विभागों और विभिन्न संस्थानों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
डेमो मंडप : यहां कारीगर अपने हस्तशिल्प और दूसरे उत्पाद बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन करेंगे।
ऑनलाइन बाजार से भी जोड़े जाएंगे उत्पाद
मेले में सरस आजीविका गैलरी के जरिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, ई-सरस (eSARAS) डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन उत्पादों को ऑनलाइन बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। इससे महिला उद्यमियों को मेले के बाहर भी ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।
16 फुट ऊंची कलाकृति होगी खास आकर्षण
मेले में ‘शक्ति - द स्पिरिट ऑफ लखपति दीदी’ नाम की 16 फुट ऊंची कलाकृति भी प्रदर्शित की जाएगी। यह ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास, उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक होगी। इस आयोजन में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) तथा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) भी सहयोग कर रहे हैं।
ग्रामीण महिलाओं की कमाई और पहचान बढ़ाने पर जोर
राष्ट्रीय सरस मेला 2026 का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के हुनर को कारोबार से जोड़ना और उनके उत्पादों के लिए बाजार के नए रास्ते खोलना है। यहां महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने, नए खरीदारों से जुड़ने और व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, मेले में देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और पारंपरिक उत्पादों की झलक भी देखने को मिलेगी।
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