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कृषि में विज्ञान के साथ योग का मेल: टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देंगे ICAR और ब्रह्माकुमारी

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 12 Oct 2026 06:18 PM IST
सार

  • ICAR और ब्रह्माकुमारी ने 12 अक्टूबर 2026 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

  • वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को शाश्वत योगिक खेती के सिद्धांतों से जोड़ने पर जोर रहेगा।

  • शाश्वत योगिक खेती के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है।

  • किसानों को प्रशिक्षण और अच्छी कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।

टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देंगे ICAR और ब्रह्माकुमारी
टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देंगे ICAR और ब्रह्माकुमारी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और ब्रह्माकुमारी संस्था के कृषि एवं ग्रामीण विकास प्रभाग ने टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया है। दोनों संस्थाओं ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित पूसा के राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (NASC) में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते पर ICAR के उप महानिदेशक (कृषि विस्तार) डॉ. राजबीर सिंह और ब्रह्माकुमारी, करोल बाग, नई दिल्ली की प्रबंधन समिति की सदस्य बीके आशा ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी मौजूद रहे।

वैज्ञानिक तकनीकों के साथ योगिक खेती पर जोर
इस साझेदारी का उद्देश्य वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को ‘शाश्वत योगिक खेती’ के सिद्धांतों के साथ जोड़ना है। इसके जरिए ऐसी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जो पर्यावरण के अनुकूल हों और बदलते मौसम की चुनौतियों का सामना करने में मदद करें।

किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
समझौते के तहत शाश्वत योगिक खेती के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, दोनों संस्थाएं मिलकर कृषि से जुड़े विषयों पर शोध करेंगी, खेती की तकनीकों की उपयोगिता का आकलन करेंगी और किसानों को प्रशिक्षण देंगी।

किसानों तक अच्छी कृषि पद्धतियों (GAP) की जानकारी भी पहुंचाई जाएगी। इस पहल का लक्ष्य मिट्टी की सेहत सुधारना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और किसानों की आजीविका व खुशहाली को बेहतर बनाना है।
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