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बंगाल की खाड़ी में खौफनाक हुआ 'मुरासु': इस राज्य पर मंडराया तबाही का खतरा... 120 km की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 01 Nov 2026 03:58 PM IST
सार

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'मुरासु' सक्रिय हो गया है। इसके आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। IMD ने भारी बारिश और 120 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

चक्रवाती तूफान
चक्रवाती तूफान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव 1 नवंबर को दोपहर 11:30 बजे चक्रवाती तूफान में बदल गया। इसका नाम 'मुरासु' रखा गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके और मजबूत होकर गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह तूफान 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। हवा के तेज झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
चक्रवाती तूफान के असर से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं, उत्तरी तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भी बारिश होने की संभावना है।

तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और निचले इलाकों में जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसे देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने भी तूफान से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

भारत ने दिया है तूफान को 'मुरासु' नाम
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाले चक्रवाती तूफानों के नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र के एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (ESCAP) से जुड़ी व्यवस्था के तहत तय किए जाते हैं। इसके लिए 13 देशों की ओर से नामों की सूची दी जाती है। 'मुरासु' नाम भारत ने सुझाया है।

तमिल भाषा में 'मुरासु' का अर्थ प्राचीन ढोल या नगाड़ा होता है। पुराने समय में गांवों में इस वाद्य यंत्र का इस्तेमाल लोगों तक सूचना पहुंचाने और प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी देने के लिए किया जाता था। इसी वजह से इस नाम को चुना गया है।

अभी कहां है तूफान?
1 नवंबर की दोपहर तूफान चेन्नई से करीब 560 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 660 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और नेल्लोर से लगभग 630 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था। मौसम विभाग के अनुसार, यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके अगले 24 घंटों में और मजबूत होने की संभावना है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह
हाल के दिनों में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से प्रभावित इलाकों के लिए एक और तूफान चुनौती बन सकता है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और जरूरी सामान पहले से तैयार रखें। मौसम विभाग लगातार तूफान की दिशा, गति और बारिश से जुड़े अपडेट जारी कर रहा है। ऐसे में लोगों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
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