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मध्य प्रदेश : 'अर्नब' की मार से धान को नुकसान, 50 से ज्यादा गांवों में फसल प्रभावित, मुआवजे की मांग

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 01 Nov 2026 05:04 PM IST
सार

चक्रवात अर्नब के असर से मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बेमौसम बारिश ने धान किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 50 से ज्यादा गांवों में फसल प्रभावित होने और 7 हजार हेक्टेयर में नुकसान का अनुमान है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चक्रवात अर्नब के असर से 29, 30 और 31 अक्टूबर को हुई बेमौसम बारिश ने मध्य प्रदेश के सीधी जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने और धान की फसल प्रभावित होने से किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। फसल कटाई की तैयारी के बीच हुई बारिश से किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। अब किसान राजस्व विभाग से फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

सोनवर्षा गांव के किसान रेवती रमण द्विवेदी ने बताया कि बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसान फसल काटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक मौसम बदलने से उनकी लागत डूबने का डर है। उन्होंने कहा कि किसानों ने दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार की थी, लेकिन अब नुकसान की भरपाई को लेकर चिंता बनी हुई है।

50 से ज्यादा गांवों में धान की फसल प्रभावित
सोनवर्षा निवासी अमर द्विवेदी के मुताबिक, हटवा, पहाड़ी और सोनवर्षा समेत 50 से अधिक गांवों में धान की फसल प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, इलाके में करीब 7 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान है।

किसानों ने इस मामले में सिहावल के एसडीएम राकेश शुक्ला से शिकायत की है। एसडीएम ने नुकसान का सर्वे कराने का भरोसा दिया है। रविवार को किसानों ने एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को भी फसल नुकसान की जानकारी दी और जल्द सर्वे कराने की मांग की।

किसानों ने मांगा उचित मुआवजा
किसानों का कहना है कि बारिश से खाद भीगने के बाद उसे गोदामों में सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन खेतों में खड़ी फसल को हुए नुकसान पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर फसलों का सर्वे करें और वास्तविक नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।

जिले में 1.20 लाख हेक्टेयर से ज्यादा में हुई धान की बोवनी
कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि इस साल सीधी जिले में करीब 1 लाख 20 हजार 700 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की बोवनी हुई है। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से कुछ फसलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, अभी फसल के पकने की उम्मीद बनी हुई है। उन्होंने कहा कि नुकसान की सही स्थिति सर्वे और आकलन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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