मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धनतेरस पर मुरैना जिले के करुआ गांव से मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत मुफ्त संपत्ति पंजीकरण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने लाभार्थियों को संपत्ति के रिकॉर्ड और मालिकाना हक के दस्तावेज सौंपे। सरकार ने प्रदेश में 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि आजादी के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में मकान बनाने के बावजूद लोगों के पास पंजीकृत स्वामित्व दस्तावेज नहीं होते थे। इससे बैंक भी ऐसी संपत्तियों पर कर्ज देने से बचते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीणों को भूमि पट्टा देने के बाद अब राज्य सरकार उनकी संपत्तियों का विधिवत पंजीकरण करा रही है।
उन्होंने कहा कि इससे किसान और ग्रामीण भविष्य में बच्चों की पढ़ाई और कारोबार के लिए बैंक से कर्ज ले सकेंगे। जिन गांवों में 80 से 100 प्रतिशत रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, वहां मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी दस्तावेज बांट रहे हैं। इस अभियान में जिला प्रशासन, तहसीलदार और पटवारी मिलकर काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने करुआ के प्राथमिक विद्यालय को मिडिल स्कूल में अपग्रेड करने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी और पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा पशु खरीदने पर सब्सिडी दी जा रही है।
डॉ यादव ने किसानों से सहकारी समितियों और अन्य माध्यमों से दूध बेचने की अपील की। योजना के तहत 200 से अधिक रजिस्ट्रियां करने वाले पटवारियों को सम्मानित भी किया गया