कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि गन्ने की कीमत केंद्र सरकार को तय करनी चाहिए। राज्य के कई जिलों में किसान संगठन 5,500 रुपये प्रति टन की दर से गन्ना खरीदने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संगठनों ने शुक्रवार को राज्यव्यापी बंद भी बुलाया था।
शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपना प्रस्ताव भेजा है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इस मामले में प्रयास करने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन प्रतिष्ठा का सवाल नहीं बनना चाहिए। राज्य सरकार मिल मालिकों और मंत्रियों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, शुक्रवार को मिल मालिकों और मंत्रियों ने बैठक की। मिल मालिक पेराई जारी रखने के लिए अदालत भी गए हैं और राज्य सरकार भी इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
शिवकुमार ने प्रदर्शनकारी किसानों से अपनी मांगें शालीनता से रखने की अपील की और सरकार से टकराव की स्थिति बनाने से बचने को कहा। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी बैठक में सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
इससे एक दिन पहले उन्होंने प्रधानमंत्री से राज्य के बुनियादी ढांचे, सिंचाई और गन्ना किसानों की समस्याओं पर हस्तक्षेप की मांग की थी। यह मुद्दा दोनों नेताओं के बीच कन्नड़ राज्योत्सव के अवसर पर हुए पत्राचार के बाद सामने आया।
प्रधानमंत्री के 13 नवंबर को बेंगलुरु मेट्रो के उद्घाटन के लिए कर्नाटक आने पर शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने उन्हें आमंत्रित किया है। उन्होंने भाजपा पर परियोजना का श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजना लोगों के पैसे और कर्ज से बनी है तथा प्रधानमंत्री के सामने राज्य के कुछ मुद्दे भी रखे जाएंगे।
शिवकुमार ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और कांग्रेस विधायक दल के नेताओं की बैठक बुलाई है। वह इसी बैठक में शामिल होने दिल्ली जा रहे हैं। कनकपुरा जाने के बारे में उन्होंने कहा कि दो-तीन दिन बाद लौटेंगे।