कर्नाटक ने सूखे से 62 हजार करोड़ रुपये के नुकसान के बाद केंद्र से 22 हजार करोड़ रुपये की राहत मांगी है। राज्य सरकार किसानों को कुल 5,000 रुपये प्रति पात्र किसान की सहायता देने की तैयारी में है।
कर्नाटक में सूखे के कारण करीब 62 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के मानकों के तहत केंद्र से लगभग 22 हजार करोड़ रुपये की राहत मांगी है। उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को बेंगलुरु में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि फसल नुकसान को लेकर राज्य सरकार केंद्र को तीन ज्ञापन भेज चुकी है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और कृषि मंत्री से मुलाकात का समय मांगा गया है। समय मिलने पर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाएगा। अन्यथा प्रधानमंत्री के कर्नाटक दौरे के दौरान उनसे मुलाकात की जाएगी।
किसानों को राहत के लिए राज्य ने पहली किस्त के रूप में 1,250 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके तहत प्रत्येक किसान को 2,500 रुपये DBT से दिए जा रहे हैं। यादगीर जिले में तीन लाख से अधिक किसानों के खातों में यह राशि पहुंच चुकी है।
आलोचना के बाद मुख्यमंत्री ने एक से दो सप्ताह के भीतर अतिरिक्त 2,500 रुपये देने पर सहमति जताई है। इससे प्रति पात्र किसान कुल सहायता 5,000 रुपये होगी और सरकार को इसके लिए अतिरिक्त 1,250 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
पीने के पानी की व्यवस्था के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को एक करोड़ रुपये और प्रत्येक जिले को चार से पांच करोड़ रुपये दिए गए हैं। परमेश्वर के अनुसार, करीब 50 लाख किसानों की 67 लाख एकड़ फसल प्रभावित हुई है।
दूध और परिवहन किराये में बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि फैसले राज्य की आर्थिक स्थिति और विभिन्न वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर किए जाते हैं। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगभग 14 बार बढ़ोतरी का आरोप लगाया।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर उन्होंने दावा किया कि करीब 1.08 करोड़ नाम हटाए गए हैं। इनमें 16 लाख मृत और 65 लाख स्थानांतरित बताए गए हैं। उन्होंने कुछ जीवित लोगों को मृत दिखाने और स्थानांतरित मतदाताओं के नए स्थान पर नाम नहीं मिलने की शिकायतों का हवाला देते हुए प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के संबंध में उन्होंने कहा कि आय सीमा 30 हजार से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये की गई है। 23 लाख आवेदनों की जांच चल रही है। 60 वर्ष से कम उम्र के लोगों के आवेदन भी मिले थे, जिनमें 40, 30 और 20 वर्ष के आवेदक शामिल हैं। इसी जांच के कारण कुछ दिनों तक वितरण रुका था, लेकिन अब फिर शुरू हो गया है।