हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंबा जिले के भरमौर विधानसभा क्षेत्र की मेहला ग्राम पंचायत में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने गुरुवार शाम गांव में रात्रि प्रवास किया और स्थानीय लोगों, महिला मंडलों तथा युवक मंडलों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने पारंपरिक पहाड़ी वेशभूषा और लोकगीतों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार है जब प्रदेश का कोई मुख्यमंत्री सरकारी विश्राम गृह के बजाय इस दूरस्थ गांव के एक घर में रात रुका है। इसका उद्देश्य दूरदराज के लोगों की समस्याओं को करीब से समझना है। उन्होंने स्थानीय व्यंजनों का भी स्वाद लिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मेहला पंचायत के 172 परिवारों को मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना के लिए चिह्नित किया गया है। अगले महीने शुरू होने वाली इस योजना के तहत 21 से 59 वर्ष की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलेंगे। एक परिवार में तीन पात्र महिलाएं होने पर तीनों को लाभ मिलेगा। अगले शैक्षणिक सत्र से मेहला में CBSE स्कूल भी शुरू किया जाएगा।
किसानों के लिए उन्होंने बताया कि पिछले साल पांगी घाटी में प्राकृतिक रूप से उगाए गए जौ की 107 क्विंटल खरीद 70 रुपये प्रति किलो की दर से हुई थी। अब यह दर 80 रुपये प्रति किलो कर दी गई है। गाय के दूध का खरीद मूल्य 31 से बढ़ाकर 61 रुपये और भैंस के दूध का 46 से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति किलो किया गया है। दूध उत्पादकों को मिलने वाला प्रोत्साहन भी तीन से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर किया गया है। गद्दी समुदाय के लिए मांस का बेहतर मूल्य दिलाने को नई योजना पर काम हो रहा है।
सुक्खू ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस अपना रही है। अनियमितताओं और पेपर लीक की शिकायतों के बाद हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (HPSSC) भंग किया गया था। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज हुए और वे जेल में हैं।
अब भर्ती प्रक्रिया कंप्यूटरीकरण के जरिए पारदर्शी बनाई गई है। खाली पद प्राथमिकता से भरे जा रहे हैं और स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य विभागों में अतिरिक्त पद भी जल्द भरे जाएंगे।