IMD के अनुसार उत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों में 9 अक्तूबर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बारिश, बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। IMD की रिपोर्ट के मुताबिक 9 अक्तूबर को उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में आगामी दिनों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
पर्वतीय राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
IMD के अनुसार उत्तराखंड में 9 अक्तूबर को अधिकांश स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है और कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद 10 अक्तूबर को भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है तथा 10 से 14 अक्तूबर के दौरान राज्य में छिटपुट से लेकर हल्की बारिश जारी रह सकती है।
जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, में 10 अक्तूबर को व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। IMD के अनुसार इस क्षेत्र में 9 अक्तूबर, 11 अक्तूबर और 13 से 14 अक्तूबर के दौरान छिटपुट बारिश और आकाशीय बिजली चमकने के आसार हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 अक्तूबर के दौरान छिटपुट से लेकर हल्की बारिश दर्ज की जा सकती है।
मैदानी इलाकों में गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं का पूर्वानुमान
IMD के अनुसार पंजाब-हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 9 से 14 अक्तूबर के दौरान कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके साथ ही इन इलाकों में 10 और 11 अक्तूबर को बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
उत्तर प्रदेश के संदर्भ में IMD ने जानकारी दी है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 अक्तूबर तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 9 व 10 अक्तूबर को अलग-अलग स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। राजस्थान के पश्चिमी भाग में 11 और 12 अक्तूबर को तथा पूर्वी राजस्थान में 12 अक्तूबर को छिटपुट बारिश के आसार हैं। पश्चिमी राजस्थान में 11 अक्तूबर को गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।
किसानों के लिए IMD की सलाह
खेती-किसानी के लिए जारी सुझावों में IMD ने कहा है कि उत्तराखंड के निचले क्षेत्रों में धान, गन्ना, सोयाबीन, उड़द, मूंग और सब्जियों के खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध किया जाए। पकी हुई धान, झंगोरा और मक्का की फसलों की कटाई मौसम साफ रहने के दौरान ही की जाए और कटी हुई उपज को सुरक्षित व सूखे स्थानों पर रखा जाए। तेज हवाओं को देखते हुए कटी फसल को तिरपाल से अच्छी तरह बांधकर रखने और पशुओं को वर्षा के दौरान सुरक्षित बाड़ों में रखने की सलाह दी गई है।