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Home› Khabar Junction› Maharashtra Drought Affected Farmers May Receive Aid In Their Accounts Before Diwali Inclusion Of New Tehsil

Maharashtra: दिवाली से पहले सूखा प्रभावित किसानों के खाते में पहुंच सकती है मदद, नई तहसीलों को जोड़ने पर विचार

गांव जंक्शन डेस्क, चंडीगढ़ Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 02 Oct 2026 01:07 PM IST
सार

  • दिवाली से पहले महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों को मिल सकती है आर्थिक सहायता
  • 15 से 18 नई तहसीलें राहत के दायरे में आ सकती हैं
  • पंचनामे में किसानों के हस्ताक्षर होंगे जरूरी

हाल ही में सूखे की मार झेलने वाले किसानों से मिले सीएम देवेंद्र फडणवीस।
हाल ही में सूखे की मार झेलने वाले किसानों से मिले सीएम देवेंद्र फडणवीस। - फोटो : सोशल मीडिया
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महाराष्ट्र सरकार दिवाली से पहले सूखे की मार झेलने वाले किसानों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। प्रदेश के राजस्व मंत्री और सूखा राहत के लिए बनी कैबिनेट उप-समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले का कहना है कि सरकार फसल नुकसान के आकलन का काम जल्द पूरा करने में जुटी है, जिससे त्योहार से पहले किसानों के बैक खातों में सहायता राशि पहुंचाई जा सके। इसके अलावा सरकार सूखे से प्रभावित इलाकों की सूची में विस्तार पर भी विचार कर रही है।

15 से 18 नइ तहसीलों को सूखे के दायरे में लाने का सुझाव
राजस्व मंत्री ने बताया है कि कैबिनेट उप-समिति ने सिफारिश की है कि जो तालुके शुरुआती ट्रिगर-1 के तय मानकों को पूरा नहीं कर पाए थे, लेकिन वहां सूखे जैसे हालात बने हुए हैं, उन्हें जमीनी रिपोर्ट और फसल उत्पादन के आंकड़ों के आधार पर राहत दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि विदर्भ, पश्चिमी महाराष्ट्र और नंदुरबार से ऐसे क्षेत्रों को शामिल करने की मांग उठी है। सटीक पंचनामों और पैदावार के आकलन के बाद लगभग 15 से 18 तालुकों को सूखा राहत ढांचे के तहत लाया जा सकता है।

राहत के लिए पात्रता ट्रिगर-1 पर सीमित न रहे
राजस्व  मंत्री ने कहा कि राहत की पात्रता केवल ट्रिगर-1 की सीमा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि फसलों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जमीनी स्तर पर पड़ताल आवश्यक है। उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण चरणों में किया जाएगा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विचार-विमर्श के बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

छह जिलों में होगा औचक निरीक्षण
फसल नुकसान के पंचनामा की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए  राजस्व मंत्री बावनकुले ने अधिकारियों को पंचनामों पर किसानों के हस्ताक्षर लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व, कृषि और ग्रामीण विकास विभाग संयुक्त रूप से यह पंचनामे तैयार कर रहे हैं और तीनों विभागों के अधिकारियों के हस्ताक्षर इस पर अनिवार्य किए गए हैं।

बावनकुले ने बताया कि वे अगले तीन दिनों में छह जिलों में जाकर पंचनामा प्रक्रिया का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे छत्रपति संभाजीनगर और जालना, इसके बाद अकोला और बुलढाणा तथा 4 अक्टूबर को धुले और जलगांव का दौरा करेंगे, ताकि यह देखा जा सके कि टीमें वास्तव में खेतों में मौजूद हैं या नहीं। इसके अतिरिक्त, एक मंत्री स्तर के निरीक्षण से पहले खेत में रैंप बनाए जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए उन्होंने इसे किसानों का उपहास बताया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।

25 अक्टूबर तक रिपोर्ट सौंपेगी कैबिनेट समिति
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए गठित 11 सदस्यीय कैबिनेट उप-समिति 25 अक्टूबर तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगी। बावनकुले ने कहा कि इस समिति को राहत कार्यों में समन्वय स्थापित करने और सूखे से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने के पूरे अधिकार दिए गए हैं। इसके साथ ही राजस्व मंत्री ने अवैध साहूकारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि यदि किसी साहूकार या वित्तीय संस्थान द्वारा उनका शोषण या उनके साथ धोखाधड़ी की जाती है, तो वे तुरंत इसकी जानकारी प्रशासन को दें।


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