महाराष्ट्र सरकार ने डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप में तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रहे करीब 70 लाख किसानों को ई-फेरफार प्रणाली के माध्यम से ऑफलाइन फसल पंजीकरण की अनुमति दी है।
महाराष्ट्र में डिजिटल क्रॉप सर्वे मोबाइल ऐप में तकनीकी समस्याओं के कारण फसल पंजीकरण नहीं करा पा रहे करीब 70 लाख किसानों को राहत मिली है। राज्य सरकार ने अब ऐसे किसानों को ई-फेरफार प्रणाली के माध्यम से ऑफलाइन फसल पंजीकरण की अनुमति दे दी है।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के निर्देश पर राज्य के राजस्व विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में शासनादेश जारी किया। इसके तहत चालू खरीफ सीजन में जिन क्षेत्रों में ऑनलाइन पंजीकरण लंबित है, वहां तलाठी स्तर पर फसल का निरीक्षण कर पंजीकरण किया जा सकेगा।
ऐप में आ रही थीं कई तरह की दिक्कतें
राज्य में 15 अगस्त 2021 को ई-क्रॉप निरीक्षण प्रणाली शुरू की गई थी। इसके तहत किसान मोबाइल फोन से अपनी फसलों का विवरण दर्ज कर सकते हैं। एक दिसंबर 2024 से इस व्यवस्था में एग्रीस्टैक मंच के अनुरूप तकनीकी बदलाव भी किए गए थे।
हालांकि, चालू खरीफ सीजन में डिजिटल क्रॉप सर्वे ऐप में कई समस्याएं सामने आईं। इनमें किसान के खेत और ऐप पर दिखाई गई खेत की सीमा के बीच 20 मीटर से अधिक दूरी दिखना, नक्शों का आपस में बदल जाना, पूरे गांव के नक्शे उपलब्ध न होना और किसानों के नाम व खाता संख्या ऐप में नहीं दिखना शामिल है।
सरकार के अनुसार, तकनीकी समस्याओं को दूर करने के प्रयासों के बावजूद यदि ऑनलाइन पंजीकरण संभव नहीं होता है, तो ई-फेरफार प्रणाली के माध्यम से ऑफलाइन पंजीकरण कराया जा सकेगा।