मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि विकास और सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन पर 4,967 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे। परियोजनाओं से करीब 88 हजार हेक्टेयर खेती को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। इनमें आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई तकनीक से जुड़ी परियोजना भी शामिल है।
जावद-नीमच परियोजना के लिए 4,197.58 करोड़
नीमच की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 4,197.58 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके तहत दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इससे पानी की बचत के साथ सिंचाई क्षमता और कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर जोर है।
सुठालिया परियोजना के लिए 262.63 करोड़
राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक 262.63 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे करीब 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। परियोजना से बागवानी, औषधीय और अन्य फसलों की सिंचाई में मदद मिलने की उम्मीद है।
पार्वती-रिन्सी परियोजना के लिए 507.23 करोड़
राजगढ़ की पार्वती-रिन्सी सिंचाई परियोजना के लिए 507.23 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके तहत बांध का निर्माण कर करीब 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने की योजना है। बांध से निकलने वाली नहरों के जरिए किसानों के खेतों और मौजूदा जलस्रोतों तक पानी पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं से सिंचाई सुविधा बढ़ने के साथ कृषि उत्पादन और आधुनिक सिंचाई तकनीक को भी बढ़ावा मिलेगा।
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