बिहार के पशुपालकों और किसानों के लिए कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना के तहत पशुपालकों के बैंक लोन के ब्याज पर 100 फीसदी सब्सिडी देने को मंजूरी दी गई है। यानी पात्र लाभार्थियों को लोन की मूल रकम चुकानी होगी, जबकि ब्याज का खर्च सरकार उठाएगी। इसके अलावा कोसी क्षेत्र में डेयरी परियोजनाओं और वारिसलीगंज में नई चीनी मिल लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।
पशुपालकों के लोन का ब्याज सरकार देगी
मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना के तहत पशुपालक बैंक से लोन लेकर पशुपालन से जुड़े काम शुरू या बढ़ा सकेंगे। लोन पर लगने वाले ब्याज की पूरी राशि सरकार सब्सिडी के रूप में देगी। इससे पशुपालकों पर ब्याज का अतिरिक्त बोझ कम होगा। योजना के तहत पात्रता, लोन की अधिकतम राशि और आवेदन की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सरकार की ओर से अलग से जारी की जा सकती है।
कोसी में डेयरी की 8 परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास से जुड़ी 8 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के लिए 126.07 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत डेयरी से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ 500 नई दुग्ध सहकारी समितियां बनाने और डेयरी से जुड़ी दूसरी सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। इससे क्षेत्र में दूध उत्पादन, संग्रह और बिक्री की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा।
वारिसलीगंज में लगेगी नई चीनी मिल
कैबिनेट ने नवादा जिले के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल लगाने को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की बात कही गई है। नई चीनी मिल से नवादा के अलावा नालंदा, शेखपुरा और जमुई के गन्ना किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। इन जिलों के किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर गन्ना बेचने का एक नया विकल्प उपलब्ध होगा। चीनी मिल शुरू होने के बाद गन्ने की खरीद और परिवहन के साथ इससे जुड़े दूसरे कामों में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
पशु चिकित्सा सुविधाएं होंगी मजबूत
कैबिनेट ने बिहार पशु चिकित्सा अवसंरचना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य राज्य में पशुओं के इलाज और पशु चिकित्सा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर करना है। इस नीति के तहत पशु अस्पतालों, इलाज की सुविधाओं और पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। नीति के तहत विस्तृत योजनाएं और उनकी व्यवस्था आगे जारी की जा सकती है।
जल संसाधनों के लिए बनेगा नया निगम
सरकार ने बिहार जल संसाधन विकास निगम लिमिटेड के गठन को भी मंजूरी दी है। इसके जरिए राज्य में जल संसाधनों के विकास और उनसे जुड़े कामों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की व्यवस्था की जाएगी।
मछुआरा आयोग के मानदेय में बदलाव
कैबिनेट ने मछुआरा आयोग के पदाधिकारियों के मानदेय और दूसरी सुविधाओं के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा विभिन्न आयोग, बोर्ड, निगम और पर्षद के पदाधिकारियों को मिलने वाले भत्तों में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई है। बिहार कैबिनेट की इस बैठक में कुल 24 एजेंडों पर फैसले लिए गए। इनमें किसानों और पशुपालकों से जुड़े फैसलों के साथ शिक्षा, पुलिस, जल संसाधन और शहरी विकास से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं।
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