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Home› Khabar Junction› Kosi Makhana Is Reaching Other States By Trains Business Of 1 5 Crore Every Month Prices Fell Due To Bumpe

ट्रेनों से दूसरे राज्यों में पहुंच रहा कोसी का मखाना : हर महीने ₹1.5 करोड़ का कारोबार, बंपर उपज से भाव लुढ़का

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Mon, 26 Oct 2026 02:54 PM IST
सार

  • बिहार का कोसी इलाका मखाने की सप्लायर बन रहा है
  • रेलवे के माध्यम से हर महीने करीब 1.5 करोड़ रुपये का मखाने की सप्लाई पंजाब जैसे राज्यों तक हो रही है
  • व्यापारियों का कहना है कि अच्छे उत्पादन की वजह से इस बार कीमतों में भारी गिरावट आई है
  • इलाके के कई लोग अवसर को देखते हुए मखाने के व्यापार में उतर गए हैं
 
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बिहार के कोसी क्षेत्र से पंजाब समेत कई राज्यों तक मखाने की सप्लाई, कीमतों में आई गिरावट।
बिहार के कोसी क्षेत्र से पंजाब समेत कई राज्यों तक मखाने की सप्लाई, कीमतों में आई गिरावट। - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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बिहार का कोसी क्षेत्र इन दिनों दूसरे प्रदेशों के लिए मखाने का एक अहम सप्लायर साबित हो रहा है। यहां का मखाना घरेलू बाजार के अलावा विदेश में भी जगह बना रहा है। मखाने की इस बढ़ती मांग को देखते हुए इलाके के कई लोग मखाना व्यापार में उतर गए हैं। इस समय मखाने का विपणन का सीजन चालू है, जिस वजह से रोजनाना सहरसा रेल मार्ग के माध्यम से भारी मात्रा में मखाना बिहार से बाहर भेजा जा रहा है।

ट्रेनों से जा रहा मखाना, रेलवे को भी फायदा
कोसी से मखाने की सप्लाई में अधिकतर पुरबिया एक्सप्रेस, जनसेवा एक्सप्रेस और वैशाली एक्सप्रेस का उपयोग किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, केवल सहरसा से ही 40 से 50 बोरा मखाना पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जा रहा है। बता दें कि एक बोरे में आमतौर पर 9 से 10 किलो मखाना पैक किया जाता है। ऐसे में हर महीने करीब 1.5 करोड़ रुपये का मखाना कोसी बाहर सप्लाई कर रहा है। यह रेलवे के राजस्व में बढ़ोतरी का माध्यम भी बन रहा है। 

बंपर उत्पादन से सस्ता हुआ मखाना
हाल ही में मखाने की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसे पूरा करने के लिए उत्पादन में भी उछाल आया है। इस समय मखाने की कीमत 600 से 1500 रुपये प्रति किलो के बीच है। व्यापारियों का कहना है कि बीते साल मखाने की कीमत 2200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी। लेकिन, इस बार अच्छे उत्पादन ने कीमतों को गिराया है।
 
सबसे अच्छी क्वालिटी की बाहर है भारी मांग
बाजार में औसतन तीन साइज- छोटा, मध्यम और बड़ा मखाना ज्यादा बिकता है। इन तीनों साइज की कीमतें अलग-अलग होती हैं। इनमें सबसे महंगा बड़े साइज का मखाना होता है। बिहार के बाहर अन्य प्रदेशों में इसी बड़े साइज वाले प्रीमियम मखाने की डिमांड सबसे ज्यादा है। इसी मांग को पूरा करने के लिए व्यापारियों द्वारा सबसे अच्छी क्वालिटी का मखाना बाहर के प्रदेशों में भेज दिया जाता है।


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