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Khet Bachao Abhiyan Nationwide Campaign To Promote Balanced Fertilizer Use And Sustainable Farming
रबी सीजन में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की तैयारी : 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देशभर में चलेगा खेत बचाओ अभियान
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Umashankar Mishra
Updated Wed, 21 Oct 2026 08:07 PM IST
सार
मिट्टी की सेहत सुधारने, खेती की लागत घटाने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए केंद्र सरकार देशभर में 'खेत बचाओ अभियान-रबी 2026' शुरू करने जा रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान 22 अक्टूबर को हरियाणा के करनाल से इस अभियान की शुरुआत करेंगे। यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान 22 अक्टूबर को हरियाणा के करनाल से खेत बचाओ अभियान की शुरुआत करेंगे।
- फोटो : AI Image (फाइल)
22 अक्तूबर से शुरू हो रहे देशव्यापी खेत बचाओ अभियान का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की जांच के आधार पर खाद और दूसरे कृषि साधनों का सही मात्रा में इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों को बढ़ावा देने, धान की कटाई के बाद खाली पड़ी जमीन का बेहतर उपयोग करने और फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने पर जोर दिया जाएगा।
खाद का सही इस्तेमाल, मिट्टी की सेहत पर जोर
खेतों में खाद का जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए किसानों को जागरूक किया जाएगा। अभियान में हरी अमोनिया सहित उर्वरकों और जैविक उत्पादों के उचित इस्तेमाल की जानकारी भी दी जाएगी।
किसानों को जैविक और जैव आधारित कृषि उत्पादों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के साथ प्रशिक्षण और खेतों में प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा, फसल चक्र में बदलाव, उपयुक्त फसलों के साथ अंतरवर्तीय खेती और संसाधनों के बेहतर उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। जलवायु के बदलावों का सामना करने में सक्षम खेती के तरीकों को अपनाने के साथ पुनर्योजी कृषि यानी खेती की ऐसी पद्धतियों पर भी ध्यान दिया जाएगा, जो मिट्टी की सेहत सुधारने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने में मदद करती हैं।
धान कटाई के बाद खाली खेतों का होगा बेहतर इस्तेमाल
अभियान में धान की कटाई के बाद खाली रह जाने वाले खेतों में दलहन और दूसरी उपयुक्त फसलें उगाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। इससे खेतों का बेहतर उपयोग करने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। तिलहन और दलहन की खेती को प्रोत्साहित करने के साथ बीज वितरण भी अभियान का हिस्सा होगा।
फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन, एकीकृत कीट प्रबंधन और मिट्टी की सेहत बनाए रखने पर भी जोर रहेगा। किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग और बेहतर तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर को फिर से बढ़ाने के उपायों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। इन प्रयासों का मकसद खेती में पानी और दूसरे संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
किसान चौपाल से खेतों में प्रदर्शन तक
किसानों तक इन जानकारियों को पहुंचाने के लिए राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर किसान सम्मेलन, किसान चौपाल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और खेतों में तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। राज्य कृषि विभागों के साथ कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के संस्थानों, राज्य कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसियों (आत्मा) की भागीदारी रहेगी।
इन कार्यक्रमों में कृषि वैज्ञानिकों, आत्मा के कर्मचारियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), सहकारी संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों और प्रगतिशील किसानों को भी जोड़ा जाएगा। स्थानीय भाषाओं में प्रचार सामग्री, रेडियो, दूरदर्शन, सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से किसानों तक अभियान की जानकारी पहुंचाई जाएगी।
एक करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य
कृषि मंत्रालय के मुताबिक, अभियान के तहत आत्मा और आईसीएआर के माध्यम से करीब एक करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्रों और आत्मा से जुड़ी कुल 4,150 टीमें काम करेंगी। अभियान में 12,000 से अधिक वैज्ञानिकों और आत्मा के कर्मचारियों के योगदान देने की उम्मीद है।
किसान आईडी, फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड पर भी जागरूकता
अभियान में किसानों की किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी दी जाएगी। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के दायरे को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के प्रयास भी किए जाएंगे। इसके अलावा, व्यापार समझौतों से मिलने वाले लाभ और उपलब्ध अवसरों के बारे में किसानों को जागरूक किया जाएगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग राज्य सरकारों, आईसीएआर संस्थानों और दूसरे संबंधित पक्षों के साथ मिलकर अभियान के क्रियान्वयन और निगरानी का समन्वय करेगा। सरकार का लक्ष्य किसानों को कम खर्च में बेहतर खेती के तरीके अपनाने के लिए प्रेरित करना, मिट्टी और पानी का संरक्षण करना तथा खेती को लंबे समय तक टिकाऊ और लाभकारी बनाना है।
केंद्र सरकार 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देशभर में खेत बचाओ अभियान-रबी 2026 चलाएगी। करनाल से शुरू होने वाले इस अभियान में खाद के संतुलित इस्तेमाल, फसल विविधीकरण, धान कटाई के बाद खाली खेतों के उपयोग, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
करीब एक करोड़ लोगों तक पहुंचने के लिए 4,150 टीमें और 12,000 से अधिक वैज्ञानिकों व आत्मा कर्मियों की भागीदारी प्रस्तावित है।
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