गन्ने का भाव 5,500 रुपये प्रति टन तय करने की मांग को लेकर किसानों ने कर्नाटक की मांड्या की मैसूर शुगर (माईशुगर) फैक्टरी के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों ने फैक्टरी के चीनी गोदाम पर ताला लगा दिया और चेतावनी दी कि जब तक गन्ने की कीमत बढ़ाने पर फैसला नहीं होता, तब तक गोदाम में रखी चीनी की बिक्री नहीं होने देंगे।
यह प्रदर्शन कर्नाटक राज्य रैयत संघ के सदस्यों ने किसान नेता चुक्की नंजुंडास्वामी के नेतृत्व में किया। किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि उनकी गन्ने का उचित भाव तय करने की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
फैक्टरी का गेट बंद होने पर बढ़ा विवाद
प्रदर्शन की शुरुआत में माईशुगर फैक्टरी के प्रशासनिक बोर्ड ने किसानों को गोदाम परिसर में जाने की अनुमति नहीं दी और फैक्टरी का गेट बंद रखा। इससे नाराज कुछ किसानों ने परिसर में घुसने की कोशिश की, जबकि कुछ किसान गेट पर चढ़ गए। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
हालात को देखते हुए फैक्टरी परिसर में सुरक्षा बल तैनात किए गए। बाद में प्रदर्शन तेज होने पर फैक्टरी अधिकारियों ने गेट खोल दिया। इसके बाद किसान अंदर पहुंचे और चीनी गोदाम के पास इकट्ठा हो गए।
चीनी की बिक्री रोकने की चेतावनी
किसानों ने गोदाम में रखी चीनी की बिक्री का विरोध करते हुए उस पर ताला लगा दिया। उनका कहना था कि जब तक गन्ने का भाव 5,500 रुपये प्रति टन करने पर फैसला नहीं होता, तब तक चीनी की बिक्री नहीं होने दी जाएगी।
रैयत संघ की जिला इकाई के अध्यक्ष ए.एल. केंपेगौड़ा ने इस प्रदर्शन को सांकेतिक आंदोलन बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र और राज्य सरकार ने किसानों की मांगों को नजरअंदाज किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में किसान नेता शिवल्ली चंद्रशेखर, मरीचेनगौड़ा सहित कई किसान शामिल हुए।
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