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Home› Khabar Junction› Karnataka Chief Minister Clarified On Increase Milk Prices Saying Farmers Will Now Get Rs 47 Per Liter

कर्नाटक : दूध के दाम बढ़ाने पर मुख्यमंत्री ने दी सफाई, बोले- किसानों को अब मिलेंगे 47 रुपये प्रति लीटर

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 31 Oct 2026 04:47 PM IST
सार

कर्नाटक में 1 नवंबर से दूध के दाम 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मुताबिक, किसानों को सरकारी प्रोत्साहन सहित 47 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे। इससे राज्य के 28.84 लाख डेयरी किसानों को फायदा होने की उम्मीद है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कर्नाटक में दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को लेकर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सरकार के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि सूखे के कारण राज्य में दूध उत्पादन घट रहा है। पशुपालकों को चारे और दूसरे खर्चों के लिए ज्यादा पैसे की जरूरत है। ऐसे में दूध के दाम बढ़ाना किसानों के हित में जरूरी था।

कर्नाटक कैबिनेट ने गुरुवार को सभी श्रेणियों के दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। नई कीमतें 1 नवंबर से लागू होंगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, दूध उत्पादक किसान 12 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे।

किसानों को मिलेगा 7 रुपये का अतिरिक्त दाम
मुख्यमंत्री ने बताया कि कीमत में बढ़ोतरी के 8 रुपये में से 7 रुपये सीधे किसानों को मिलेंगे। इससे दूध की खरीद कीमत 35 रुपये से बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। बाकी 1 रुपया दूध संघों को उनके संचालन खर्च के लिए दिया जाएगा। सरकार की ओर से मिलने वाले 5 रुपये प्रति लीटर के प्रोत्साहन को जोड़ने पर किसानों को अब एक लीटर दूध के 47 रुपये मिलेंगे।

शिवकुमार ने उदाहरण देते हुए कहा कि रोजाना 10 लीटर दूध बेचने वाले किसान की मासिक कमाई में करीब 2,100 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इस फैसले से राज्य के डेयरी किसानों को हर साल 1,850 करोड़ से 2,100 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है।

सूखे से घटा दूध उत्पादन, बढ़ी चारे की लागत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक में सूखे के कारण दूध उत्पादन और रोजाना दूध की खरीद में कमी आई है। दूसरी ओर पशुओं के चारे, मजदूरी, ईंधन और पैकेजिंग की लागत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में दूध के दाम ज्यादा होने के कारण कर्नाटक के किसान वहां दूध बेचने लगे थे। इससे राज्य में दूध की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही थी।

उन्होंने कहा कि पशुओं को अच्छा चारा देने के लिए किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होना जरूरी है। किसानों को उचित कीमत नहीं मिलेगी तो वे पशुपालन जारी नहीं रख पाएंगे और दूध उत्पादन में और गिरावट आ सकती है।

28.84 लाख डेयरी किसानों को होगा फायदा
मुख्यमंत्री के अनुसार, कर्नाटक में कुल 28.84 लाख डेयरी किसान हैं। इनमें कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) के 67 प्रतिशत सदस्य छोटे और सीमांत किसान हैं। सरकार का दावा है कि दूध की कीमत बढ़ाने से इन किसानों को उनकी मेहनत का उचित दाम मिलेगा।

नंदिनी दूध की कीमत दूसरे राज्यों से कम होने का दावा
शिवकुमार ने कहा कि कीमत बढ़ने के बाद भी नंदिनी टोंड दूध 54 रुपये प्रति लीटर मिलेगा। यह देश के कई बड़े डेयरी ब्रांड के मुकाबले कम है। वहीं, 4.5 प्रतिशत फैट वाले नंदिनी शुभम दूध की कीमत 60 रुपये प्रति लीटर होगी, जबकि 10 अन्य राज्यों में इसकी औसत कीमत 62.80 रुपये है।

नंदिनी दही की कीमत में 14 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दही की कीमत तय करने का अधिकार कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के पास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश किसानों को उचित कीमत देने के साथ उपभोक्ताओं को भी किफायती दर पर अच्छी गुणवत्ता वाला दूध उपलब्ध कराना है।
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