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बंगाल की खाड़ी में फिर उठेगा तूफान? : आंध्र के तट की ओर बढ़ रहा नया मौसम सिस्टम, जानें क्या रहेगा असर

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 31 Oct 2026 04:54 PM IST
सार

चक्रवात अर्नब के चार दिन बाद बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान बनने का खतरा है। IMD के मुताबिक, नया सिस्टम रविवार तक चक्रवात बन सकता है और सोमवार तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है।

चक्रवात
चक्रवात - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चक्रवाती तूफान अर्नब के आंध्र प्रदेश के नरसापुरम तट के पास टकराने के महज चार दिन बाद बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवात बनने की आशंका है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र तेजी से मजबूत हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में यह चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के शनिवार सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना था। शनिवार सुबह तक यह मजबूत होकर स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया।

24 घंटे में चक्रवात बनने की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम फिलहाल दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास सक्रिय है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और शनिवार शाम तक अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद इसके तेजी से मजबूत होने के लिए मौसम अनुकूल बताया गया है।

समुद्र की सतह का तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच है। इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में हवा की गति और दिशा में बदलाव भी कम है। इन परिस्थितियों से सिस्टम को ताकत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, रविवार तक यह चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके बाद सोमवार तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने की संभावना है।

अर्नब के बाद बंगाल की खाड़ी में दूसरा तूफान
चक्रवात अर्नब के बाद इतने कम समय में एक और चक्रवात बनने की आशंका से बंगाल की खाड़ी में तूफानी गतिविधियां तेज हो गई हैं। अर्नब इस उत्तर-पूर्वी मानसून सीजन में बंगाल की खाड़ी में बना पहला चक्रवात था। यह 23 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से विकसित हुआ था और चार दिन में चक्रवाती तूफान बन गया था।

नया सिस्टम भी इसी इलाके के आसपास विकसित हो रहा है। हालांकि, इसकी ताकत कितनी बढ़ेगी और यह किस रास्ते से आगे बढ़ेगा, इसका पता आने वाले दिनों में मौसम की परिस्थितियों के आधार पर चलेगा।

तमिलनाडु से पश्चिम बंगाल तक असर की आशंका
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अल नीनो वाले वर्षों में बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने की जगह भूमध्य रेखा के आसपास के दक्षिणी हिस्सों की ओर खिसक सकती है। ऐसे सिस्टम भारत के पूर्वी तट की ओर बढ़ सकते हैं। इससे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों पर असर पड़ने की आशंका रहती है। ये तूफान तेजी से मजबूत होने के साथ कम समय में आगे भी बढ़ सकते हैं। नए सिस्टम की दिशा और ताकत को लेकर अगले 48 घंटे अहम माने जा रहे हैं। मौसम विभाग इसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
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