केद्र सरकार के विशेष अभियान 6.0 को लागू करते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने अपने संस्थानों में साफ-सफाई, कचरे को दोबारा उपयोग में लाने और पुराने दस्तावेजों के सही प्रबंधन जैसे मोर्चों पर फोकस किया है। ICAR के अनुसार, अभियान के तहत कर्मचारियों, किसानों और स्थानीय लोगों में स्वच्छता के लिए जागरूकता फैलाने का काम जारी है।
कचरे के सही निपटान और उपयोग पर जोर
ICAR के अनुसार, कार्यालय परिसरों में सफाई के साथ-साथ कचरे को अलग-अलग करने और उसका सही तरीके से निपटान करने पर खास जोर दिया जा रहा है। जो चीजें दोबारा इस्तेमाल हो सकती हैं, उन्हें फिर से उपयोग में लाया जा रहा है। धातु और प्लास्टिक के कचरे को सामान्य कचरे से अलग रखा जा रहा है। खेतों और परिसर के आस-पास की सड़कों पर भी व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया गया है, जिससे कचरा प्रबंधन में काफी सुधार हुआ है।
डिजिटलीकरण, पौधारोपण और ई-कचरे का निपटान
इस अभियान के तहत ICAR की सभी शाखाओं में कई मोर्चों पर काम जारी है । पुराने कागजातों का सही रखरखाव, फाइलों का डिजिटलीकरण और पौधारोपण जैसे काम किए जा रहे हैं। कबाड़ और ई-कचरे को हटाकर दफ्तरों को सुधारा जा रहा है। संस्थानों के आस-पास की उन जगहों की पहचान की जा रही है जहाँ ज्यादा गंदगी है, जिससे उन्हें भी साफ किया जा सके।
कई परिसरों में लगे मुफ्त चिकित्सा शिविर
जानकारी के अनुसार, इस अभियान के दौरान कई परिसरों में लोगों के लिए मुफ्त चिकित्सा (मेडिकल) शिविर भी लगाए गए हैं। साथ ही, साफ-सफाई का काम करने वाले 'सफाई मित्रों' को सम्मानित करने की सराहनीय परंपरा भी जारी है। दफ्तर के अंदर हो या बाहर, हर स्तर के अधिकारी खुद आगे आकर इस सफाई अभियान में हिस्सा ले रहे हैं। अधिकारियों द्वारा लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाने के लिए जागरूकता शिविर भी लगाए जा रहे हैं। 'स्वच्छता विशेष अभियान 6.0' के जरिए कार्यस्थल और उसके आस-पास स्वच्छता व जिम्मेदारी के साथ कचरा प्रबंधन को बढ़ावा मिला है।