हरियाणा में दशहरा के बाद पराली जलाने के मामलों में अचानक तेजी देखने को मिली है। दरअसल प्रदेश में दशहरा के बाद धान की कटाई का काम रफ्तार पकड़ता है, जिस वजह से 21 अक्तूबर से एक नवंबर के बीच 33 नए मामले दर्ज किए गए हैं। रविवार को आए सात नए मामलों को शामिल करने के बाद, इस सीजन में अब तक पराली जलाने के कुल मामले 42 दर्ज किए जा चुके हैं। रविवार को दर्ज हुए कुल 7 मामलों में दो-दो घटनाएं अंबाला और हांसी से सामने आई हैं। इसके अलावा जींद के पीलूखेड़ा, कैथल के पुंडरी और कुरुक्षेत्र के बबैन में भी एक-एक मामला दर्ज किया गया है।
पलवल जिले में सबसे ज्यादा मामले
आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में 7 मामलों के साथ सबसे ज्यादा पराली जलाने के हिसाब से पलवल जिला सबसे ज्यादा है। इसके बाद कैथल का नंबर है, जहां अब तक पांच मामले दर्ज किए गए हैं।
पराली जलाने पर किसानों पर लगा जुर्माना
पराली जलाने के मामलों को काबू करने के लिए सरकार जुर्माना भी लगा रहे हैं। कैंथल जिले में एक किसान द्वारा पराली जलाने के मामला सामने आया, पुष्टि के बाद किसान पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
क्या अभी बढ़ेंगे मामले?
बीते धान कटाई सीजन के मुकाबले प्रदेश में पराली जलाने के मामले कम बने हुए हैं। बीते दिनों हुई बारिश के कारण किसानों ने कटाई का काम टाल दिया था। आंकडों के अनुसार, अब तक कुल 59.87 प्रतिशत धान की कटाई पूरी हो पाई है। ऐसे में देखने होगा कि अधिकतर कटाई पूरी होने के बाद पराली जलाने के मामलों में कोई बढ़ोतरी देखने को मिलती है।