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J&K : जम्मू-कश्मीर में 30 हजार चिनार के पेड़ों की जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्ड होगा तैयार

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Umashankar Mishra Updated Fri, 06 Nov 2026 07:41 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर में करीब 30 हजार चिनार पेड़ों का डिजिटल रिकॉर्ड बनाया गया है। सरकार क्यूआर कोड, जियो-टैगिंग, बीज बैंक और वैज्ञानिक शोध के जरिए वन संरक्षण मजबूत कर रही है।

कश्मीर के 10 हजार चिनार और जम्मू के 3,500 पीपल-बरगद पेड़ों पर QR कोड वाली प्लेटें लगाई गई हैं।
कश्मीर के 10 हजार चिनार और जम्मू के 3,500 पीपल-बरगद पेड़ों पर QR कोड वाली प्लेटें लगाई गई हैं। - फोटो : एआई
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने चिनार के पेड़ों के संरक्षण और निगरानी के लिए लगभग 30 हजार पेड़ों की जियो-टैगिंग कर डिजिटल डेटाबेस तैयार किया है। अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर वन अनुसंधान संस्थान (JKFRI) की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में यह जानकारी दी।

वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री अल्ताफ अहमद वानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि कश्मीर के 10 हजार प्रमुख चिनार और जम्मू क्षेत्र के 3,500 पीपल एवं बरगद के पेड़ों पर क्यूआर कोड वाली धातु की प्लेटें लगाई गई हैं। बाकी चिनार, बरगद और पीपल के पेड़ों की जियो-टैगिंग दूसरे चरण में पूरी की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि वन संरक्षण में वैज्ञानिक शोध की महत्वपूर्ण भूमिका है। शोध केवल प्रयोगशालाओं और फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि जंगलों, किसानों और आम लोगों तक पहुंचे। उन्होंने वन विभाग, किसानों और उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ाकर शोध को स्थानीय लोगों की आय और वन संरक्षण से जोड़ने के निर्देश दिए।

JKFRI ने जम्मू और श्रीनगर में दो बीज बैंक बनाए हैं, जहां बीज उत्पादन क्षेत्रों से एकत्र वन वृक्षों के बीज सुरक्षित रखे जा रहे हैं। संस्थान ने कुठ, तिलपुष्पी, मुश्कवाला, पुष्करमूल, अंगूर शेफा और शिंगलिमिंगली जैसे औषधीय पौधों की खेती के प्रोटोकॉल भी विकसित किए हैं। दोनों क्षेत्रों में औषधीय पौधों की सूची और मैपिंग की गई है तथा उनकी जर्मप्लाज्म सामग्री संस्थान की नर्सरियों में तैयार की गई है।

मंत्री ने जिला विकास कार्यों में संबंधित विधायकों को शामिल करने पर भी जोर दिया।


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