विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Indian Rice Export Prices Remain Stable Due To Rupee Depreciation Prices Rise In Thailand

Rice Price: रुपये में गिरावट से भारतीय चावल के निर्यात भाव स्थिर, थाईलैंड में बढ़े दाम

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 10 Oct 2026 08:33 AM IST
सार

  • भारत में निर्यात भाव स्थिर: 5% टूटे हुए उबले चावल की कीमत 378–384 डॉलर प्रति टन रही।

  • सफेद चावल का भाव: भारतीय 5% टूटे हुए सफेद चावल की कीमत 379–384 डॉलर प्रति टन रही।

  • एक दशक में पहली बार उत्पादन घटने की आशंका: सामान्य से कम बारिश के कारण भारत में चावल की पैदावार प्रभावित हो सकती है।

  • थाईलैंड में कीमतों में तेजी: 5% टूटे हुए चावल का भाव बढ़कर 465–468 डॉलर प्रति टन पहुंचा।

चावल
चावल - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय चावल के निर्यात भाव इस सप्ताह एक साल से अधिक समय के उच्च स्तर के करीब बने रहे। रुपये में कमजोरी ने धान की बढ़ती लागत के असर को कम किया, जिससे निर्यात कीमतों में स्थिरता बनी रही। वहीं, थाईलैंड में बाढ़ की आशंका के चलते चावल के दाम बढ़ गए। दूसरी ओर, वियतनाम में चावल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि बांग्लादेश में परिवहन लागत बढ़ने से चावल महंगा हो गया।

कोलकाता के एक व्यापारी के मुताबिक, रुपये में गिरावट से भारतीय चावल के निर्यात भाव स्थिर बने हुए हैं। हालांकि, माल ढुलाई का खर्च बढ़ने के कारण खरीदार इस सप्ताह खरीदारी के फैसले टालते नजर आए।

भारत में चावल के भाव स्थिर
बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 5 प्रतिशत टूटे हुए उबले चावल (पारबॉयल्ड राइस) का निर्यात भाव इस सप्ताह 378 से 384 डॉलर प्रति टन रहा। यह पिछले सप्ताह के बराबर है। वहीं, 5 प्रतिशत टूटे हुए सफेद चावल की कीमत 379 से 384 डॉलर प्रति टन रही।

इस बीच, भारत में इस साल चावल का उत्पादन घटने की आशंका है। सामान्य से कम बारिश के कारण पैदावार प्रभावित हो सकती है। यदि ऐसा होता है, तो पिछले एक दशक में पहली बार देश के चावल उत्पादन में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

थाईलैंड में बढ़े चावल के दाम
थाईलैंड में 5 प्रतिशत टूटे हुए चावल की कीमत बढ़कर 465 से 468 डॉलर प्रति टन हो गई। पिछले सप्ताह इसका भाव 460 डॉलर प्रति टन था। व्यापारियों के मुताबिक, पहले से तय सौदों के तहत चावल की खेप लेने के लिए जहाज पहुंचने से कीमतों में हल्की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, दूसरी फसल की कटाई का अंतिम दौर चलने के कारण बाजार में चावल की आपूर्ति अभी अच्छी बनी हुई है। फिलीपींस से भी मांग आने की उम्मीद है।

थाईलैंड के कुछ प्रांतों में बाढ़ के कारण चावल की फसल और आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इससे निर्यातकों को उत्पादन घटने का अंदेशा है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि अभी मांग इतनी नहीं बढ़ी है कि बाजार में चावल की कमी हो जाए।

वियतनाम में कीमतों में बदलाव नहीं
वियतनाम में 5 प्रतिशत टूटे हुए चावल का भाव 420 से 430 डॉलर प्रति टन रहा। यह पिछले सप्ताह के समान है। हो ची मिन्ह सिटी के एक व्यापारी के मुताबिक, फिलीपींस की ओर से खरीदारी नहीं होने और चीन के खरीदारों के छुट्टी के बाद भी बाजार में नहीं लौटने से कारोबार सुस्त है। हालांकि, अफ्रीकी देशों के खरीदार सक्रिय बने हुए हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वियतनाम का चावल निर्यात सितंबर में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 9.3 प्रतिशत घट गया। इस साल के पहले नौ महीनों में भी निर्यात में सालाना आधार पर 5.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

बांग्लादेश में भी महंगा हुआ चावल
बांग्लादेश में हाल के दिनों में चावल की कीमत 1 से 2 टका प्रति किलोग्राम तक बढ़ गई है। कारोबारियों ने इसकी वजह ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद परिवहन खर्च बढ़ना बताया है। मध्यम और अच्छी गुणवत्ता वाले चावल की कीमतों में इसका असर अधिक दिखाई दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन