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Report: एग्रीटेक निवेश में भारत का जलवा, 2.1 अरब डॉलर की फंडिंग के साथ उभरते बाजारों में सबसे आगे

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 23 Sep 2026 08:31 AM IST
सार

2023 से सितंबर 2025 के बीच 17 उभरते बाजारों में एग्रीफूड क्षेत्र को 4.39 अरब डॉलर से ज्यादा की फंडिंग मिली। इसमें भारत की हिस्सेदारी 2.1 अरब डॉलर रही, जो अध्ययन में शामिल देशों में सबसे ज्यादा है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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खेती और खाद्य क्षेत्र से जुड़ी तकनीक यानी एग्रीटेक में निवेश के मामले में भारत उभरते बाजारों में मजबूत स्थिति में है। AgBase, Briter और ISF Advisors की AgTech Investment in Emerging Markets 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 से सितंबर 2025 तक 17 उभरते बाजारों में एग्रीफूड क्षेत्र में 4.39 अरब डॉलर से अधिक का निवेश दर्ज किया गया। इसमें अकेले भारत को 2.1 अरब डॉलर की फंडिंग मिली, जो अध्ययन में शामिल देशों में सबसे ज्यादा है।

रिपोर्ट में भारत को ब्राजील, इंडोनेशिया, चिली और अर्जेंटीना के साथ ‘कमर्शियल फ्रंट रनर्स’ श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी में वे बाजार शामिल हैं, जहां कारोबार का स्तर मजबूत है और कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में निवेश के लिए जरूरी आधार मौजूद हैं।

दक्षिण एशिया में निवेश से बाहर निकलने के कई रास्ते
रिपोर्ट के अनुसार, अध्ययन किए गए क्षेत्रों में दक्षिण एशिया एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जहां एग्रीफूड कंपनियों के निवेश से बाहर निकलने के कई और दोहराए जा सकने वाले रास्ते मौजूद हैं। इनमें बड़ी कंपनियों द्वारा अधिग्रहण, प्राइवेट इक्विटी सौदे, स्टार्टअप का अधिग्रहण और शेयर बाजार में लिस्टिंग शामिल हैं। इसका मतलब है कि निवेशकों को अपनी पूंजी वापस पाने या मुनाफा कमाने के लिए एक से ज्यादा रास्ते मिल सकते हैं।

एग्रीफूड कंपनियों में निवेश से जुड़े सौदे खेती के स्तर, खेती से जुड़े कारोबार और खुदरा बाजार—तीनों क्षेत्रों में देखने को मिल रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि कृषि और खाद्य क्षेत्र में अलग-अलग तरह के कारोबार बड़े स्तर तक पहुंच सकते हैं और निवेशकों के लिए पूंजी निकालने का रास्ता बना सकते हैं।

शेयर बाजार में लिस्टिंग भी अहम
रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण एशिया की खासियत यह है कि यहां एग्रीफूड कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग भी निवेश से बाहर निकलने का एक रास्ता है। रिपोर्ट इसे मजबूत संस्थागत ढांचे और ऐसे पूंजी बाजार का संकेत मानती है, जो कृषि और खाद्य क्षेत्र की कंपनियों को बड़े स्तर पर पूंजी जुटाने में मदद कर सकते हैं।

अब सिर्फ डिजिटल खेती तक सीमित नहीं रहेगा एग्रीटेक
रिपोर्ट में एग्री-बायोटेक को निवेश की संभावनाओं वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया है। इसमें कृषि बाजार, खरीदारों की मांग और कारोबार को बड़े स्तर तक ले जाने की क्षमता अहम भूमिका निभाती है। भारत में आने वाले समय में एग्रीटेक की नई कंपनियां सिर्फ खेती को डिजिटल बनाने वाली तकनीक तक सीमित नहीं रह सकतीं। एग्री-बायोटेक, कृषि इनपुट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े हार्डवेयर, ड्रोन, रोबोटिक्स और उत्पादन की वैज्ञानिक जरूरतों से जुड़ी तकनीक में भी निवेश बढ़ सकता है।

भारत के पास कई मजबूत आधार
Omnivore के मैनेजिंग पार्टनर मार्क कान के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के पास बड़े कृषि बाजार, मजबूत डिजिटल ढांचे, उद्यमी प्रतिभा, घरेलू पूंजी के बढ़ते स्रोत, निवेश से बाहर निकलने के कई रास्ते और सरकार की नीतिगत मदद जैसे कई आधार हैं। इन वजहों से कृषि क्षेत्र की कंपनियों के लिए शुरुआती प्रयोग से आगे बढ़कर बड़े स्तर पर कारोबार खड़ा करने का आधार तैयार हो सकता है।

एग्रीटेक का दायरा और बढ़ने की उम्मीद
रिपोर्ट के मुताबिक, एग्रीफूड क्षेत्र अब पिछले दशक के तेजी और गिरावट वाले निवेश चक्र से निकलकर ज्यादा व्यावसायिक और टिकाऊ विकास की ओर बढ़ रहा है। आने वाले समय में अवसर सिर्फ डिजिटल कृषि तक सीमित नहीं रहेंगे। डीप-टेक, कृषि वित्त, सप्लाई चेन और वैल्यू चेन से जुड़ा बुनियादी ढांचा और उपभोक्ता खाद्य कारोबार भी एग्रीफूड निवेश के नए क्षेत्र बन सकते हैं। यह रिपोर्ट 22 सितंबर 2026 को जारी की गई।
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