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भारत-घाना में बढ़ेगा सहयोग: कृषि और वैज्ञानिक शोध में साझेदारी के लिए दो समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

गांव जंक्शन डेस्क, अक्रा (घाना) Published by: Umashankar Mishra Updated Wed, 07 Oct 2026 02:48 PM IST
सार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की घाना यात्रा के दौरान भारत और घाना के बीच कृषि अनुसंधान, शिक्षा, वैज्ञानिक शोध और क्षमता निर्माण से जुड़े दो समझौतों पर मुहर लगी है। दोनों देशों ने ग्लोबल साउथ के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। जानिए, विस्तार से...

अक्रा में MoU कार्यक्रम के दौरान एस. जयशंकर के साथ घाना के विदेश मंत्री और अन्य अधिकारी।
अक्रा में MoU कार्यक्रम के दौरान एस. जयशंकर के साथ घाना के विदेश मंत्री और अन्य अधिकारी। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर की घाना यात्रा के दौरान भारत और घाना ने कृषि अनुसंधान, शिक्षा, वैज्ञानिक शोध और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दो समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान किया। दोनों देशों ने इन समझौतों को ग्लोबल साउथ के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

जयशंकर ने घाना के विदेश मंत्री सैम ओकुडजेटो अब्लाक्वाह के साथ इन समझौतों के आदान-प्रदान को देखा। यह उनके 6 से 10 अक्टूबर तक चल रहे घाना, कोट द'ईवोआर और इथियोपिया के तीन देशों के आधिकारिक दौरे का पहला चरण है।

कृषि अनुसंधान और शिक्षा पर साझेदारी 
दोनों देशों के बीच हुआ एक MoU भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और घाना के CSIR-Crops Research Institute के बीच कृषि अनुसंधान और शिक्षा में सहयोग से संबंधित है। इसके तहत कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। दूसरा समझौता जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) और यूनिवर्सिटी ऑफ घाना के बीच अकादमिक सहयोग, वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण से जुड़ा है।

जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इन समझौतों के जरिए भारत और घाना अपनी South-South Cooperation को आगे बढ़ा रहे हैं।

व्यापार से तकनीक तक सहयोग पर चर्चा
MoU के आदान-प्रदान से पहले जयशंकर ने घाना के विदेश मंत्री के साथ भारत-घाना व्यापक साझेदारी को मजबूत करने पर विस्तृत बातचीत की। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, विकास सहयोग, फार्मास्यूटिकल्स, क्षमता निर्माण, रक्षा, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

इसके अलावा बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और अफ्रीकी संघ (African Union) तथा ECOWAS के साथ भारत की भागीदारी को और गहरा करने पर भी बातचीत हुई।

‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘Tree for Life’
जयशंकर ने घाना के विदेश मंत्री सैम ओकुडजेटो अब्लाक्वाह और शिक्षा मंत्री हरुना इद्रीसु के साथ फ्रेंजीपानी (प्लूमेरिया) का पौधा लगाया। यह पौधरोपण भारत के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और घाना की ‘Tree for Life’ पहल के प्रति समर्थन के तौर पर किया गया। जयशंकर ने इसे सतत विकास के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को माताओं के प्रति सम्मान से जोड़ते हुए लोगों को अपनी मां के नाम पर पौधा लगाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

घाना के राष्ट्रपति से भी मिले जयशंकर
जयशंकर ने घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा से भी मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रपति महामा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। बैठक में दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी की पिछले साल की घाना यात्रा के बाद भारत-घाना संबंधों में बनी सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

जयशंकर ने घाना के विकास को लेकर महामा के दृष्टिकोण और दोनों देशों की व्यापक साझेदारी को विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत करने की उनकी सकारात्मक सोच की सराहना की।

अफ्रीका के साथ साझेदारी होगी मजबूत 
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर की तीन देशों की यात्रा का उद्देश्य घाना, कोट द'ईवोआर और इथियोपिया के साथ द्विपक्षीय मित्रता और सहयोग की समीक्षा करना है। दौरे के दौरान व्यापार एवं आर्थिक संबंध, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच संपर्क के अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह यात्रा अफ्रीका के साथ भारत की साझेदारी को और मजबूत करने तथा ग्लोबल साउथ के साथ एकजुटता को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में जयशंकर क्षेत्रीय प्रमुख मिशन प्रमुखों के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे।
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