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कर्नाटक में आम की कीमतों में भारी गिरावट : सीएम ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह को लिखा पत्र, मांगी तत्काल मदद

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 13 Jun 2025 03:26 PM IST
सार

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक पत्र लिखा है। इस पत्र में बताया गया है कि आम की बाजारों में भारी आवक के कारण किसानों को आम का भाव लागत से भी कम मिल रहा है। ऐसे में कर्नाटक के सीएम ने आम उत्पादकों की सहायता के लिए कृषि मंत्री से जल्द से जल्द बाजार हस्तक्षेप योजना शुरू करने का अनुरोध किया है। 
 

कर्नाटक में आम की कीमतों में भारी गिरावट, लागत से भी कम हुए दाम! CM सिद्धारमैया ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह को लिखी चिट्ठी, मांगी तत्काल मदद
कर्नाटक में आम की कीमतों में भारी गिरावट, लागत से भी कम हुए दाम! CM सिद्धारमैया ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह को लिखी चिट्ठी, मांगी तत्काल मदद - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एक पत्र लिखा है। इस पत्र में बताया गया है कि आम की बाजारों में भारी आवक के कारण किसानों को आम का भाव लागत से भी कम मिल रहा है।

सीएम सिद्धारमैया का कृषि मंत्री से अनुरोध 
कर्नाटक के सीएम ने आम उत्पादक बागवानों की सहायता के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से जल्द से जल्द मूल्य कमी भुगतान और बाजार हस्तक्षेप योजना शुरू करने का अनुरोध किया। 

कर्नाटक में बड़े पैमाने पर होती है आम की बागवानी 
सिद्धारमैया द्वारा कृषि मंत्री को लिखे पत्र में कहा गया कि कर्नाटक की प्रमुख बागवानी फसलों में आम शामिल है, जिसका उत्पादन लगभग 1.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में होता है। इस रबी सीजन में आम का अनुमानित उत्पादन 8 से 10 लाख मीट्रिक टन है, खासकर बेंगलुरु ग्रामीण, बेंगलुरु शहरी, चिक्काबल्लापुरा, कोलार और बेंगलुरु दक्षिण जिलों में। 

कई गुना घटा आम का बाजार भाव 
सीएम द्वारा लिखे गए पत्र में बताया गया कि मई से जुलाई के बीच अधिक समय तक बाजार में आम की भारी आवक के कारण कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव हुआ है। उन्होंने कहा कि बाजार मूल्य पहले 12 हजार रुपये प्रति क्विंटल के आसपास था, अब यह घटकर 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल रह गया है, जबकि कर्नाटक राज्य कृषि मूल्य आयोग ने आम उत्पादन की लागत 5 हजार 466 रुपये प्रति क्विंटल रखने की सिफारिश की है। 

हजारों बागवानों पर समस्या के बादल 
सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि उत्पादन लागत और बाजार से मिलने वाले भाव के बीच में भारी अंतर ने कृषक समुदाय को गंभीर वित्तीय तनाव में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि हजारों छोटे और सीमांत आम उत्पादक अपनी बुनियादी इनपुट लागत भी वसूल नहीं कर पा रहे हैं, जिसके कारण व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और कृषि संबंधी चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक त्वरित और प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया जाता, यह संकट क्षेत्र में गंभीर सामाजिक-आर्थिक परिणाम पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, मैं अनुरोध करता हूं कि तत्काल नीतिगत प्रतिक्रिया के रूप में, आमों के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के तहत मूल्य कमी भुगतान योजना (पीडीपीएस) को लागू करने के लिए कदम उठाए जाएं।

बागवानों को कम से कम न्यूनतम लागत मिले 
सीएम ने पत्र में लिखा कि एनएएफईडी और एनसीसीएफ जैसी केंद्रीय खरीद एजेंसियों को उचित हस्तक्षेप मूल्य पर तुरंत खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किए जा सकते हैं, जिससे सुनिश्चित हो सकेगा कि किसानों को सुरक्षा के रूप में खेती की कम से कम न्यूनतम लागत मिले। सीएम सिद्धारमैया के अनुसार, समय पर हस्तक्षेप से न केवल कीमतों को स्थिर करने में मदद मिलेगी, बल्कि ग्रामीण संकट को और गहराने से भी रोका जा सकेगा और यह सुनिश्चित होगा कि इस कठिन अवधि के दौरान हमारे कृषक समुदाय के हितों की पर्याप्त रूप से रक्षा की जाए। उन्होंने आगे कहा कि मैं कर्नाटक के लाखों किसानों के व्यापक हित में आपके (कृषि मंत्री) तत्काल और सहानुभूतिपूर्ण विचार की आशा करता हूं।

आंध्र प्रदेश ने कर्नाटक के आमों के प्रवेश पर लागू किया प्रतिबंध   
इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के कलेक्टर ने 7 जून को कर्नाटक और तमिलनाडु से तोतापरी आम की एंट्री पर रोक लगा दी थी, जिससे कर्नाटक के आम उत्पादकों की परेशानी में बढ़ोतरी हो गई। इस प्रतिबंध को वापस लेने की मांग करते हुए बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया गया  और तालुक-स्तरीय बंद का आयोजन किया। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया है कि वे कर्नाटक से अपने राज्य के चित्तूर जिले में तोतापुरी आमों के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटा लें।
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