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Home› Khabar Junction› Haryana Procurement At Msp Reaches 15 52 Lakh Tonnes 1 221 Crore Transferred To Farmers Accounts

Haryana: 15.52 लाख टन पहुंची MSP पर खरीद, ₹1,221 करोड़ किसानों के खाते में, जानें सब कुछ...

गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 16 Oct 2026 12:53 PM IST
सार

  • हरियाणा में अब तक 15.52 लाख टन धान की सरकारी खरीद
  • किसानों को 1,221 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया
  • मंडियों में 21.27 लाख टन धान की आवक दर्ज
  • 58 लाख टन खरीद के लक्ष्य का करीब 27% पूरा

हरियाणा में किसानों से 15.52 लाख टन धान एमएसपी खरीदा गया।
हरियाणा में किसानों से 15.52 लाख टन धान एमएसपी खरीदा गया। - फोटो : AI Image
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हरियाणा में किसानों से एमएसपी पर धान खरीद का आंकड़ा 15.52 लाख टन पहुंच चुका है। इसके एवज में किसानों को 1,221 रुपये का भुगतान किया जा चुका है।  गुरुवार को  मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने एक बैठक में धान की आवक, खरीद, उठाव और भुगतान की रफ्तार का जायदा लिया।

मंडियों में आवक, खरीद और उठान की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, 15 अक्तूबर तक प्रदेश की मंडियों में कुल 21.27 लाख टन धान की आवक दर्ज की गई। इसमें 15.52 लाख टन एमएसपी पर खरीदा गया है, जिसमें से 7.69 लाख टन धान का उठान हो चुका है।

58 लाख टन धान खरीद की योजना
केंद्र इस खरीफ हरियाणा के लिए 58 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है, जिसका करीब 27 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार अब तक खरीद चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, पूरे राज्य की 249 तय मंडियों में यह खरीद प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हुई है और 15 नवंबर तक जारी रहेगी।

प्रशासन से राइस मिलरों तक बेहतर तालमेल
मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि खरीद केंद्रों पर किसानों को हर जरूरी सुविधा मिले और धान की आवक के साथ-साथ उसके उठान का काम भी तेजी से चलता रहे। इसके लिए जिला प्रशासन, खरीद एजेंसियों, मंडी प्रशासन, ट्रांसपोर्टरों और राइस मिलरों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया है।

सरकार के अनुसार, मंडियों में पारदर्शी तरीके से फसलों की तुलाई, नमी की जांच, समय पर गेट-पास जारी करने और दस्तावेजों के त्वरित निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसानों के बैंक खातों में समय पर पैसा भेजा जा सके।

1,433 मिलों का पंजीकरण पूरा
प्रणाली को पारदर्शी और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। बैठक में बताया गया कि नए ऑनलाइन पोर्टल पर अब तक 1,433 राइस मिलों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें से 1,215 मिलों की जियो-फेंसिंग के जरिए मौके पर जाकर जांच पूरी कर ली गई है। मिलों की मिलिंग प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए सरकार उनके बिजली के बिल और बिजली खपत की भी जांच कर रही है।

इसके अलावा, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मंडियों में आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन शुरू किया गया है, जिसके तहत 15 अक्टूबर तक 1,52,136 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है।


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