तेलंगाना सरकार ने आगामी रबी (यासांगी) सीजन के लिए किसानों को विशेष सलाह जारी की है। अल-नीनो के लगातार प्रभाव के कारण पानी की कमी की आशंका को देखते हुए, सरकार ने किसानों से ऐसी दलहन और तिलहन की फसलें उगाने को कहा है, जो कम समय में तैयार हो जाएं और जिनमें पानी तथा लागत दोनों कम लगें।
बाजार की मांग और पानी के हिसाब से चुनें फसल
तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव ने कहा है कि किसानों को सिंचाई के पानी की उपलब्धता और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर ही अपनी फसलों का चुनाव करना चाहिए। कृषि मंत्री ने कृषि और इससे जुड़े अन्य विभागों को निर्देश दिया है कि वे एक साथ मिलकर काम करें। अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्थानीय परिस्थितियों का आकलन करने और दलहन-तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों की तैयारी में किसानों की हर संभव मदद करें।
खड़ी फसलों को बचाने के लिए बनेगी विशेष सिंचाई योजना
किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिए कृषि मंत्री ने अधिकारियों को जिला कलेक्टरों की देखरेख में सिंचाई योजनाएं बनाने और उन्हें लागू करने का निर्देश दिया है। सरकार के अनुसार, इन सिंचाई योजनाओं में जलाशयों (डैम) में मौजूद पानी की मात्रा को ध्यान में रखा जाएगा, ताकि खेतों में खड़ी फसलों को सूखने से बचाया जा सके।
मूंगफली की नई किस्मों और सब्सिडी वाले उपकरणों पर जोर
कृषि मंत्री ने कृषि वैज्ञानिकों से अपील की है कि वे किसानों की जरूरतों और बाजार की मांग के अनुसार मूंगफली की नई किस्में विकसित करें। इसके अलावा, पुराने महबूबनगर जिले के किसानों द्वारा की गई मांग का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को सब्सिडी (सरकारी छूट) पर स्प्रिंकलर (फव्वारा सिंचाई यंत्र) उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।