भारत और ब्राजील ने कृषि क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एक नई पहल की है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने ब्राजील-इंडिया क्रॉस-इनक्यूबेशन प्रोग्राम इन एग्रीटेक (मैत्री 2.0) का दूसरा संस्करण लॉन्च किया है। इसका मकसद खेती-बाड़ी में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना और खेती के सफल तरीकों को एक दूसरे से साझा करना है। इस पहल का लाभ दोनों देशों के किसानों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
उद्यमियों, स्टार्टअप्स और संस्थान एक मंच पर
मैत्री 2.0 कार्यक्रम दोनों देशों के नए उद्यमियों, स्टार्टअप्स और संस्थानों को एक साथ लाने का एक मंच है। इसका मुख्य उद्देश्य एक-दूसरे से सीखकर नए समाधान विकसित करना, खाद्य प्रणालियों को मजबूत और टिकाऊ बनाना, किसानों को नई तकनीक से सशक्त करना और टिकाऊ खेती, डिजिटल टेक्नोलॉजी और वैल्यू-चेन विकास में नए अवसर खोलना है।
एक-दूसरे से सीखने और मिलकर काम करेंगे
आईसीएआर के महानिदेशक एम. एल. जाट ने भारत और ब्राजील के बीच 77 साल पुरानी साझेदारी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम दोनों देशों के इनोवेटर्स के लिए एक-दूसरे से सीखने और मिलकर काम करने का एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे आईसीएआर ने तरक्की की है, जहां 1996 में इसके पास केवल 74 पेटेंट थे, वहीं आज यह सालाना 1,800 से अधिक पेटेंट हासिल कर रहा है।
भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ नोब्रेगा ने इस कार्यक्रम के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भारत और ब्राजील की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। यह दोनों देशों के नेताओं के कृषि, नई टेक्नोलॉजी और खाद्य सुरक्षा में सहयोग के साझा दृष्टिकोण के अनुरूप है।