फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र किसानों की आमदनी बढ़ाने से रोजगार पैदा करने और दुनिया में भारत की धाक जमाने तक में बड़ी भूमिका निभा सकता है। यह बात केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कही। राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को नौकरी तलाशने तक सीमित रहने के बजाय नौकरी उपलब्ध कराने, नवाचार करने और समस्याओं का हल करने में योगदान देने की सलाह दी।
भारत के पास दुनिया की खाद्य टोकरी बनने की ताकत, गांव के पास प्रसंस्करण सुविधा अहम
समारोह को संबोधित करते हुे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के लिए खाद्य की टोकरी बन सकता है। इसके लिए देश का बड़ा कृषि आधार, फसल और खाद्य उत्पादों की विविधता और बड़ा घरेलू बाजार समर्थन देता है। उन्होंने किसानों तक सीधा लाभ पहुंचाने के लिए खाद्य प्रसंस्करण की सुविधाओं, फसल भाव में बढ़ोतरी और आधुनिक तकनीक को खेत और ग्रामीण इलाकों के नजदीक पहुंचाने को जरूरी बताया।
ग्लोबल बाजार में उत्पाद की गुणवत्ता भारत की साख से जुड़ी
केंद्रीय मंत्री ने खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को काफी अहम बताया। उनके अनुसार, ग्लोबर बाजार में भारतीय उत्पाद की गुणवत्ता केवल कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्की यह भारतीय ब्रांड की प्रतिष्ठा को तय करती है।
बर्बादी रोकने और फसल का भाव बढ़ाने पर मंत्रालय का जोर
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव अविनाश जोशी के अनुसार, खाद्य प्रसंस्करण की भूमिका भोजन की बर्बादी को कम करने, पोषण बढ़ाने, आजीविका के नए साधन तैयार करने और उद्यमिता को बढ़ावा देने में काफी अहम है। उन्होंने ऐसे नवाचारों और कुशल मानव शक्ति के विकास पर जोर दिया, जो बड़े पैमाने पर समाज के काम आ सकें।
छात्रों का ज्ञान करियर के साथ समाज के काम आए
संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि छात्रों द्वारा हासिल किए गए ज्ञान का लाभ केवल उनके अपने करियर तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इससे देश और समाज का भी विकास होना चाहिए। उन्होंने संस्थान में अनुसंधान और नई तकनीकों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। वहीं, एनआईएफटीईएम-के के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने कहा कि संस्थान ने शिक्षा, शोध और उद्योग जगत के साथ तालमेल में उल्लेखनीय प्रगति की है और छात्रों को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है।
260 विद्यार्थियों को मिली डिग्री, 8 को मिला गोल्ड मेडल
इस दीक्षांत समारोह में कुल 260 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 140 बी.टेक., 78 एम.टेक., 18 एमबीए और 24 पीएच.डी. के विद्यार्थी शामिल हैं। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 8 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) देकर सम्मानित किया गया।
खाद्य क्षेत्र मंदी से सुरक्षित
समारोह में उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे। रिलायंस रिटेल लिमिटेड के अध्यक्ष (खाद्य एवं कृषि) डॉ. आर. एस. सोढ़ी ने कहा कि भारत के खाद्य क्षेत्र में काम करने के लिए यह सबसे सही समय है। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब से अधिक की आबादी और खान-पान की बदलती आदतों के बीच यह क्षेत्र मंदी से सुरक्षित है, क्योंकि लोग बाकी खरीदारी टाल सकते हैं लेकिन भोजन की जरूरत हमेशा बनी रहती है।