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Explained: गांव के गरीबों को घर, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण से कितना फायदा, कैसे बदलेगी तस्वीर?

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Sun, 18 Aug 2024 03:46 PM IST
सार

प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के अंतर्गत, सरकार ने 2.95 करोड़ घर बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। 10 अगस्त, 2024 तक 2.94 करोड़ घरों को मंजूरी दी जा चुकी है और 2.64 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों की जीवन शैली उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

डॉ. पुरुषोत्तम कुमार आर्य
डॉ. पुरुषोत्तम कुमार आर्य - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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वर्ष 2016 की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोरशोर से देश के विकास के लिए योजनाएं तैयार कर रहे थे। बड़ी-बड़ी योजनाओं को लॉन्च किया जा रहा था। हर शहर से लेकर गांव तक पर फोकस था। पीएम मोदी के विजन में गांव के गरीबों की बात भी थी। 2015 में प्रधानमंत्री ने शहरों में रहने वाले सभी गरीब, मध्यमवर्गीय परिवार को पक्का घर दिलाने का काम शुरू कर दिया था। 2016 आते-आते उनके इस अभियान में गांव के गरीब भी शामिल हो गए। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY Rural) की शुरुआत की। आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ.... 

 
लक्ष्य क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लक्ष्य समाज के सबसे गरीब तबके को आवास उपलब्ध कराना है। लाभार्थियों का चयन तीन चरणों वाली कठोर सत्यापन प्रक्रिया के जरिये किया जाता है, जिसमें सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011,  ग्राम सभा की स्वीकृति और जियो-टैगिंग शामिल है। इससे सहायता पात्र व्यक्तियों तक पहुंचना सुनिश्चित हो जाता है।

इस योजना में कुशल निधि संवितरण, क्षेत्र-विशिष्ट आवास डिजाइनों के कार्यान्वयन और विभिन्न निर्माण चरणों में जियो-टैग्ड फोटो के माध्यम से साक्ष्य-आधारित निगरानी के लिए आईटी और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के उपयोग को शामिल किया गया है।

 
योजना के तहत क्या-क्या होता है और विशेषताएं क्या हैं?
  • नीतिगत दिशा-निर्देश का निर्माण,
  • पीएमएवाईजी के अंतर्गत निधियों को जारी करना
  • पीएमएवाई-जी की मुख्य विशेषताए हैं कि न्यूनतम इकाई (घर) का आकार 20 वर्ग मीटर से बढ़ाकर 25 वर्ग मीटर करना, जिसमें स्वच्छ खाना पकाने के लिए अलग से स्थान की व्यवस्था की गयी है।
  • लाभार्थी स्थानीय सामग्रियों और प्रशिक्षित मिस्त्रियों की सहायता से गुणवत्तापूर्ण घर बनवाते हैं।
  • लाभार्थियों के पास मानक सीमेंट कंक्रीट घर के डिजाइनों के बजाय संरचनात्मक रूप से मजबूत, सौंदर्य, सांस्कृतिक और पर्यावरण की दृष्टि से उपयुक्त घर के डिजाइनों का विस्तृत चयन करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

अब तक क्या-क्या हुआ?
प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के अंतर्गत, सरकार ने 2.95 करोड़ घर बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। 10 अगस्त, 2024 तक 2.94 करोड़ घरों को मंजूरी दी जा चुकी है और 2.64 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों की जीवन शैली उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

इसके अतिरिक्त, 9 अगस्त, 2024 को, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मैदानी क्षेत्रों में एक घर के निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों और पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में एक घर के निर्माण के लिए मौजूदा 1.30 लाख रुपये की सहायता करने के लिए दो करोड़ से अधिक घरों के निर्माण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

इन दो करोड़ घरों का निर्माण पीएमएवाई-जी के तहत अगले पांच वर्षों में वित्त वर्ष 2024-2029 से किया जाएगा, ताकि पिछले वर्षों में उत्पन्न हुई आवास आवश्यकताओं की समस्या का समाधान किया जा सके। दो करोड़ से अधिक परिवारों के लिए घरों के निर्माण से लगभग दस करोड़ व्यक्तियों को लाभ होने की आशा है।

इस मंजूरी से आवासहीन , जीर्ण-शीर्ण और कच्चे घरों में रहने वाले लोगों के लिए सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ अच्छी गुणवत्ता वाले सुरक्षित घरों का निर्माण करना और आसान हो जाएगा। इससे लाभार्थियों की सुरक्षा, स्वच्छता और सामाजिक समावेशिता सुनिश्चित होगी।

निष्कर्ष के तौर पर, प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) ने, सुरक्षित आवास प्रदान करके, लाखों ग्रामीण परिवारों की जीवन जीने की स्थितियों में बदलाव लाने की उल्लेखनीय प्रगति की है। हाल ही में दो करोड़ अतिरिक्त घरों के निर्माण की मंजूरी के साथ, केंद्र सरकार "सभी के लिए आवास " उपलब्ध करवाने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए तत्पर है, जिससे कि प्रत्येक पात्र परिवार एक बढ़िया मकान में रहते हुए गरिमामय जीवन तक पहुंच बने।

(लेखक डॉ. पुरुषोत्तम कुमार आर्य, दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं)
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