अगस्त महीने में तेज बढ़ते के बाद सोयाबीन तेल का आयात भी 4.6 प्रतिशत घटकर 6,00,000 टन पर आने का अनुमान है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया अक्तूबर के मध्य तक आधिकारिक आयात आंकड़े जारी करेगा।
विदेशी तेल की मांग बरकरार, असल में युद्ध की वजह से लुढ़का आयात
व्यापार से जुड़े लोगों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने काला सागर के बंदरगाहों को काफी नुकसान पहुंचाया है। यहां से परिवहन भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। इस वजह से अच्छी मांग के बावजूद भारत तक सूरजमुखी तेल की खेप भेजना मुश्किल हो गया है। जानकारों का अनुमान है कि इस तेल का अक्तूबर महीने में भी आायत कम रह सकता है। बता दें कि भारत अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन से सोयाबीन और सूरजमुखी तेल खरीदता है।
त्योहारों से पहले पाम तेल की मांग में उछाल
सूरजमुखी तेल की कमी के बीच पाम तेल के आयात में 3.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़कर 8,10,000 टन होने का अनुमान है, जो सात महीने का रिकॉर्ड स्तर है। जानकारों का कहना है कि आगामी त्योहारी सीजन से पहले रिफाइनरी कंपनियों ने अपने भंडार को मजबूत करने के लिए पाम तेल की खरीद तेज कर दी है। भारत में सितंबर से नवंबर के बीच कई त्योहार मनाए जाते हैं, जिस दौरान खाने के तेल की मांग अपने चरम पर होती है।