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सूखे ने छीनी खेती की कमाई : गांव छोड़ने को मजबूर किसान, रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 07 Oct 2026 09:18 AM IST
सार

कर्नाटक के गडग जिले के सभी तालुक अब सूखा प्रभावित घोषित हो चुके हैं। पिछले एक साल से फसल नुकसान झेल रहे छोटे किसान आर्थिक संकट के कारण रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। किसानों ने सरकार से राहत और मुआवजा राशि जल्द बांटने की मांग की है।

किसान
किसान - फोटो : सोशल मीडिया
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सूखे की मार झेल रहे कर्नाटक के गडग जिले के किसानों ने सरकार से सूखा राहत राशि जल्द बांटने की मांग की है। किसानों का कहना है कि पिछले एक साल से फसल नुकसान के कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब है। छोटे जोत वाले कई किसान अब परिवार का खर्च चलाने के लिए रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन करने लगे हैं। किसानों के मुताबिक, पड़ोसी विजयनगर जिले में केंद्रीय टीम ने दौरा किया है। अब गडग जिले के सभी तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किए जाने के बाद राहत से जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी की जानी चाहिए।

तीन तालुकों को हाल में सूखा प्रभावित घोषित किया
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गडग जिले में सूखा राहत को लेकर किसान लगातार मांग उठा रहे थे। किसानों, भाजपा कार्यकर्ताओं, Gen Z Voters and Citizens Forum समेत कई संगठनों ने प्रदर्शन भी किया। गडग के विधायक एच.के. पाटिल ने मुलगुंद में किसानों के प्रदर्शन में शामिल होकर सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर 10 अक्टूबर तक गडग तालुक को सूखा प्रभावित घोषित नहीं किया गया तो वह विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे।

इसके बाद सरकार ने गडग, रोन और मुंडरगी तालुकों में खेतों का निरीक्षण कराया। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने हाल ही में इन तीनों तालुकों को भी सूखा प्रभावित सूची में शामिल कर लिया। इसके साथ ही जिले के सभी तालुक अब सूखा प्रभावित श्रेणी में आ गए हैं।

किसानों को अब राहत राशि का इंतजार
रोन के किसान सोमप्पा नरगुंद ने कहा कि जिले के सभी तालुकों के सूखा प्रभावित सूची में आने से किसानों को राहत मिली है, लेकिन कई किसान पहले से ही आर्थिक संकट में हैं। रोजगार की तलाश में लोग दूसरे शहरों की ओर जा रहे हैं। ऐसे में मुआवजा और राहत राशि बांटने की प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए।

विधायक एच.के. पाटिल ने कहा कि गडग के कुछ तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित करने में देरी हुई। विधानसभा में चर्चा के बाद सरकार ने खेतों का निरीक्षण कराया और इसके आधार पर गडग, रोन और मुंडरगी को सूखा प्रभावित घोषित किया। उन्होंने सरकार से किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि देने की मांग की।
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