दिवाली की मिठास में मिलावट का जहर : कहीं त्योहार की खुशियां न पड़ जाएं भारी, मिठाई खरीदने से पहले पढ़ें ये खबर
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Fri, 06 Nov 2026 02:29 PM IST
सार
Diwali 2026: दिवाली पर मिलावटी मिठाई, नकली मावा और घी से रहें सावधान। जानें घर पर शुरुआती जांच के तरीके, मिलावट के नुकसान और FSSAI में शिकायत करने का तरीका।
कहीं त्योहार की खुशियां न पड़ जाएं भारी
- फोटो : गांव जंक्शन
दिवाली का त्योहार आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इस मौके का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार मिलावटी मावा, नकली घी और कृत्रिम रंगों से बनी मिठाइयां भी बेचते हैं। देखने में चमकदार और स्वादिष्ट लगने वाली ये मिठाइयां सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं।
दिल्ली में खाद्य सुरक्षा विभाग की हालिया कार्रवाई में 4,000 किलो से अधिक खाद्य पदार्थ नष्ट किए गए हैं। ऐसे में जरूरी है कि त्योहार की खरीदारी करते समय मिठाइयों की गुणवत्ता पर भी ध्यान दें। जानिए कैसे पहचानें मिलावट, किन बातों का रखें ध्यान और शिकायत कहां करें।
4000 किलो से ज्यादा खाद्य पदार्थ नष्ट, 290 में से 85 नमूने जांच में फेल
दिवाली के दौरान मिठाइयों और दूध से बने उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी बीच मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछले दो महीनों में बाजारों से 4,000 किलो से अधिक खाद्य पदार्थ नष्ट किए। इनमें खोया, घी, पनीर और मिठाइयां शामिल थीं। विभाग की ओर से जांचे गए 290 नमूनों में से 85 असुरक्षित या तय मानकों से नीचे पाए गए।
यह आंकड़े बताते हैं कि त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहना कितना जरूरी है। खासकर मावा, पनीर, घी और चांदी के वर्क वाली मिठाइयां खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
घर पर ऐसे करें मिलावटी मिठाइयों की शुरुआती जांच
मिठाइयों में होने वाली कुछ तरह की मिलावट का पता लगाने के लिए घर पर शुरुआती जांच की जा सकती है। हालांकि, ध्यान रखें कि ये तरीके पूरी तरह शुद्धता प्रमाणित नहीं करते। किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की पक्की पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही होती है।
मावा या खोया में ऐसे पहचानें स्टार्च की मिलावट
मावा और खोया से बनने वाली मिठाइयों में स्टार्च की मिलावट की आशंका रहती है। इसकी शुरुआती जांच के लिए-
आयोडीन टेस्ट : थोड़ा-सा मावा पानी में उबालकर ठंडा कर लें। इसके बाद उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। यदि मिश्रण नीला हो जाता है, तो स्टार्च की मौजूदगी का संकेत मिल सकता है।
हथेली पर रगड़कर देखें : थोड़ा-सा मावा हथेली पर लेकर रगड़ें। उसकी बनावट, गंध और चिकनाई पर ध्यान दें। हालांकि, केवल रगड़कर असली या नकली होने का फैसला नहीं किया जा सकता।
पानी में घोलकर देखें : एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ा मावा मिलाकर देखें। उसमें गांठें या अलग-अलग परतें दिखाई देने पर संदेह हो सकता है, लेकिन यह जांच भी मिलावट की पक्की पहचान नहीं करती।
चांदी के वर्क वाली मिठाई खरीदते समय रखें ध्यान
दिवाली पर काजू कतली, बर्फी और दूसरी मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगाया जाता है। कई बार इसकी जगह एल्युमिनियम या दूसरी धातुओं की परत इस्तेमाल की जा सकती है।
सिर्फ चमक देखकर न खरीदें : असली चांदी का वर्क बहुत पतला होता है। केवल उसकी चमक से शुद्धता का पता नहीं लगाया जा सकता।
उंगली से रगड़ने वाला तरीका पक्का नहीं : वर्क को रगड़कर असली चांदी और एल्युमिनियम की पहचान करने के दावे पूरी तरह भरोसेमंद नहीं हैं।
विश्वसनीय दुकान से खरीदें : खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाला वर्क खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। दुकानदार से इसकी गुणवत्ता और स्रोत की जानकारी लें।
रंग और खुशबू से भी मिल सकता है संकेत
मिठाई खरीदते समय उसका रंग, बनावट और गंध जरूर देखें।
बहुत ज्यादा चमकीले रंग से बचें : यदि मिठाई का रंग जरूरत से ज्यादा तेज, कृत्रिम या असामान्य दिखाई दे तो सावधान हो जाएं।
अजीब गंध को न करें नजरअंदाज : मिठाई से खट्टी, बासी या केमिकल जैसी गंध आ रही है तो उसे न खरीदें।
स्वाद चखकर जांच न करें : संदिग्ध मिठाई को चखकर उसकी शुद्धता जानने की कोशिश न करें।
पैकेट वाली मिठाई खरीदते समय पढ़ें ये जानकारियां
डिब्बाबंद मिठाई खरीदते समय केवल कीमत और ब्रांड देखकर फैसला न करें। पैकेट पर लिखी जानकारी भी जरूर जांचें।
निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि देखें।
पैकेट पर एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और जरूरी खाद्य संबंधी जानकारी जांचें।
पैकेट की सील टूटी हुई या खराब नहीं होनी चाहिए।
मिठाई को किस तापमान पर रखने की सलाह दी गई है, यह भी देखें।
बहुत कम कीमत पर मिलने वाली महंगी मिठाई की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहें।
मिलावटी मिठाई खाने से सेहत को क्या नुकसान?
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाली मिठाई खाने से सबसे पहले पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, मितली, दस्त और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, मिलावट में इस्तेमाल किए गए कुछ हानिकारक रसायनों या भारी धातुओं के लंबे समय तक संपर्क में रहने से शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे लिवर, किडनी, दिल और दिमाग पर भी बुरा असर पड़ सकता है। हालांकि, नुकसान की गंभीरता मिलावट में मौजूद पदार्थ, उसकी मात्रा और सेवन की अवधि पर निर्भर करती है। इसलिए संदिग्ध मिठाई खाने से बचें। यदि मिठाई खाने के बाद उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसी परेशानी हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
मिठाई में मिलावट का शक हो तो यहां करें शिकायत
यदि आपको किसी दुकान पर मिलावटी मिठाई या खाद्य पदार्थ बिकने का शक है, तो इसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग से कर सकते हैं।
FSSAI हेल्पलाइन : 1800-11-2100
ऑनलाइन शिकायत : FSSAI के Food Safety Connect ऐप या पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
सबूत संभालकर रखें : मिठाई की फोटो, खरीद का बिल, दुकान का नाम और पैकेट की जानकारी अपने पास रखें।
FSSAI की गाइडबुक में मिलावट पहचानने के 50 से ज्यादा टेस्ट
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने आम लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट के प्रति जागरूक करने के लिए 'Detect Adulteration with Rapid Test (DART)' हैंडबुक जारी की है। इसमें दूध और दूध से बने उत्पादों, तेल, घी, मसालों और अनाज समेत कई खाद्य पदार्थों में होने वाली आम मिलावट की शुरुआती पहचान के लिए 50 से ज्यादा टेस्ट बताए गए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है, ताकि वे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रह सकें।
त्योहार की खरीदारी में इन 5 बातों का रखें खास ध्यान
हमेशा भरोसेमंद और साफ-सुथरी दुकान से मिठाई खरीदें।
बहुत ज्यादा चमकदार या असामान्य रंग वाली मिठाइयों से बचें।
पैकेट वाली मिठाई की निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि जरूर देखें।\
खरीदारी का बिल लें और मिठाई को सही तापमान पर रखें।
मिलावट का संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत करें।
याद रखें : दिवाली की खुशियां मिठाइयों से जरूर बढ़ती हैं, लेकिन थोड़ी-सी लापरवाही त्योहार का मजा खराब कर सकती है। इसलिए मिठाई खरीदते समय स्वाद के साथ उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
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