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Digitization Of Seed Production And Distribution Chain Is On The Rise States Are Connecting To Saathi Portal
बीज उत्पादन और वितरण श्रृंखला का डिजिटलीकरण तेजी पर: साथी पोर्टल से जुड़ रहे राज्य, खरीफ 2026 तक पूरा होगा काम
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Devesh Saraswat
Updated Tue, 13 May 2025 05:39 PM IST
सार
देश में बीजों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और ट्रेस-एबिलिटी सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे साथी पोर्टल अभियान में अब तक 24 राज्य शामिल हो चुके हैं। यह पोर्टल बीज उत्पादन श्रृंखला को प्रजनक बीज से लेकर प्रमाणित बीज तक की डिजिटल निगरानी करता है। अब तक बीज उत्पादन श्रृंखला को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के बाद वितरण मूल्य श्रृंखला को भी डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में लाया गया है।
बीज उत्पादन और वितरण श्रृंखला का डिजिटलीकरण तेजी पर
- फोटो : सोशल मीडिया
देश में बीजों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और ट्रेस-एबिलिटी सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे साथी पोर्टल अभियान में अब तक 24 राज्य शामिल हो चुके हैं। यह पोर्टल बीज उत्पादन श्रृंखला को प्रजनक बीज से लेकर प्रमाणित बीज तक की डिजिटल निगरानी करता है। अब तक बीज उत्पादन श्रृंखला को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के बाद वितरण मूल्य श्रृंखला को भी डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में लाया गया है। खरीफ 2026 से पहले इसे पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसका उद्देश्य किसानों को बीज की संपूर्ण जानकारी देना है।
बीज पर होगा क्यूआर कोड
बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव अजीत कुमार ने बताया कि अब हमारा फोकस बीज वितरण नेटवर्क को ट्रैक करने पर है ताकि किसान बीज पैकेट पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन कर यह जान सके कि बीज कहां और किसने तैयार किया, किस एजेंसी ने प्रमाणित किया और यह किस किस्म का है। इससे नकली बीजों की पहचान आसान होगी और किसानों को सही जानकारी मिलेगी।
महाराष्ट्र बना पहला राज्य
महाराष्ट्र ने खरीफ 2024 सीजन से पूरी खुदरा श्रृंखला को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया को पूरा करने वाला देश का पहला राज्य बनकर अग्रणी भूमिका निभाई है। इसके साथ ही असम, छत्तीसगढ़, पंजाब, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे राज्यों ने भी इस पहल में भागीदारी की है।
आगामी खरीफ सीजन में और राज्य होंगे शामिल
बिहार, हरियाणा, सिक्किम, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश आगामी खरीफ सीजन में इसमें शामिल होने जा रहे हैं। वहीं, गुजरात ने प्रक्रिया शुरू कर दी है जबकि तेलंगाना को अभी इसमें शामिल होना बाकी है।रबी 2024-25 के दौरान आंध्र प्रदेश, केरल, पुडुचेरी, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने SATHI पोर्टल से जुड़ाव स्थापित किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि देशभर के राज्य बीज पारदर्शिता के लिए डिजिटलीकरण को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बीज उत्पादन की पूरी प्रक्रिया होगी पारदर्शी
SATHI पोर्टल पर वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किए जाने वाले न्यूक्लियस बीज से लेकर ब्रीडर, फाउंडेशन और प्रमाणित बीज तक की जानकारी दर्ज की जाएगी। यह प्रक्रिया लगभग तीन सालों की होती है, लेकिन इसके तहत किसानों को क्यूआर कोड के माध्यम से बीज की पूरी यात्रा पता चल सकेगी।
जल्द ही अनिवार्य होगा डाटा दर्ज करना
फिलहाल पोर्टल पर जानकारी साझा करना वैकल्पिक है, लेकिन सरकार की योजना है कि बीज अधिनियम में संशोधन कर इसे सभी हितधारकों के लिए अनिवार्य बनाया जाए। इसके लिए परामर्श प्रक्रिया शुरू हो गई है।
बीज अधिनियम में होगा बड़ा बदलाव
हाल ही में आयोजित खरीफ 2025 सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि बीज अधिनियम, 1966 में संशोधन किया जाएगा ताकि नकली बीजों की बिक्री पर अंकुश लगाया जा सके और किसानों के हितों की रक्षा हो सके। उन्होंने राज्यों से प्रस्तावित विधेयक पर प्रतिक्रिया देने की अपील की है।
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