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बिहार में गन्ना किसानों के लिए सब्सिडी की मांग : चीनी मिलों को उबारने के लिए सरकार से मांगी मदद

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 28 Oct 2026 12:12 PM IST
सार

बिहार शुगर मिल्स एसोसिएशन ने गन्ना किसानों के लिए आकर्षक सब्सिडी की मांग की है। राज्य में 25 नई चीनी मिलें लगाने और नौ बंद मिलें फिर शुरू करने की योजना है। बारिश और बाढ़ से फसल को नुकसान की चिंता भी बढ़ी है।

गन्ना
गन्ना - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बिहार शुगर मिल्स एसोसिएशन (बीएसएमए) ने राज्य सरकार से गन्ना किसानों के लिए आकर्षक सब्सिडी शुरू करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि गन्ने की खेती को बढ़ावा देने, उत्पादन बढ़ाने और आर्थिक संकट से जूझ रहे चीनी उद्योग को मजबूत करने के लिए किसानों को बेहतर वित्तीय सहायता देना जरूरी है।

यह मांग ऐसे समय में उठी है, जब बिहार सरकार राज्य में 25 नई चीनी मिलें लगाने और नौ बंद मिलों को दोबारा शुरू करने की योजना बना रही है। बीएसएमए के सचिव नरेश भट्ट ने मंगलवार को कहा कि गन्ना किसान और चीनी मिलें, दोनों आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सरकार की मदद से इस क्षेत्र को मजबूती मिल सकती है।

दूसरे राज्यों की तरह बिहार में भी मिले सब्सिडी
नरेश भट्ट ने कहा कि दूसरे राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी गन्ना किसानों को सब्सिडी दी जानी चाहिए। इससे किसानों को गन्ने की खेती बढ़ाने और उत्पादन में सुधार करने का प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, चीनी मिलों को भी अपनी आर्थिक मुश्किलों से उबरने में मदद मिल सकती है।

बारिश और बाढ़ से गन्ने की फसल को नुकसान
एसोसिएशन ने बिहार के सीमावर्ती जिलों में भारी बारिश, बाढ़, जलभराव और तेज हवाओं से गन्ने की फसल को हुए नुकसान पर भी चिंता जताई है। तेज हवाओं के कारण खेतों में गन्ने की फसल गिर गई है। गिरी हुई फसल को ज्यादा नुकसान होने की आशंका है, जिससे गन्ने की पैदावार प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के गन्ना उत्पादक क्षेत्र का करीब 40 से 45 फीसदी हिस्सा जलमग्न है। इससे फसल के नुकसान और आने वाले सीजन में गन्ने के उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ गई है।

बिहार में 10 चीनी मिलें चालू
बिहार में फिलहाल 10 चीनी मिलें चालू हैं। इनकी कुल क्षमता रोजाना 68,500 टन गन्ने की पेराई करने की है। उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि गन्ना किसानों को बेहतर आर्थिक सहायता मिलने से खेती का रकबा बढ़ सकता है और चीनी मिलों को पर्याप्त गन्ना मिल सकेगा।

किसानों को 390 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ
एसोसिएशन के मुताबिक, वर्ष 2025-26 के सीजन में बिहार के गन्ना किसानों को चीनी मिलों से 380 रुपये प्रति क्विंटल और राज्य सरकार से 10 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी मिली। इस तरह किसानों को कुल 390 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिला।

बीएसएमए का कहना है कि दूसरे राज्यों में किसानों को गन्ने की अधिक कीमत और सब्सिडी का फायदा मिल रहा है। ऐसे में बिहार में भी किसानों को बेहतर आर्थिक सहायता देने की जरूरत है, ताकि गन्ने की खेती उनके लिए लाभकारी बन सके।

उद्योग जगत का मानना है कि किसानों को अधिक वित्तीय सहायता मिलने से गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलेगा, चीनी मिलों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता बेहतर होगी और राज्य में नई मिलें लगाने तथा बंद मिलों को फिर से शुरू करने की योजनाओं को गति मिल सकेगी।
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