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Home› Khabar Junction› Debts Of Six Sugar Mills In Maharashtra Will Be Investigated Find Out How Much Debt Each Mill Has

कहां खर्च हुए 564 करोड़? : महाराष्ट्र की 6 चीनी मिलों के कर्ज की होगी जांच, जानें किस मिल पर कितना कर्जा

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 05 Oct 2026 05:02 PM IST
सार

महाराष्ट्र की छह सहकारी चीनी मिलों को NCDC के जरिए मिले 564.54 करोड़ रुपये के कर्ज की नए सिरे से जांच होगी। इसमें कर्ज की रकम कहां और किस काम में खर्च हुई और उसकी किस्तों का भुगतान नियमों के मुताबिक हुआ या नहीं, यह देखा जाएगा।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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महाराष्ट्र में छह सहकारी चीनी मिलों को दिए गए 564.54 करोड़ रुपये के कर्ज की नए सिरे से जांच होगी। ये कर्ज राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) के जरिए राज्य सरकार के माध्यम से दिए गए थे। महाराष्ट्र के चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते ने इन कर्जों की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि चीनी मिलों ने कर्ज की रकम का इस्तेमाल उसी काम के लिए किया या नहीं, जिसके लिए पैसा मंजूर हुआ था। इसके अलावा कर्ज की किस्तों का नियमों के मुताबिक भुगतान हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच होगी।

कार्यशील पूंजी और पूंजीगत खर्च की भी जांच
चीनीमंडी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी यह भी जांचेंगे कि कार्यशील पूंजी (Working Capital) और पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) के लिए दिए गए कर्ज का सही तरीके से इस्तेमाल हुआ या नहीं। जांच के दौरान अगर किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

ये कर्ज महाराष्ट्र सरकार के 3 अगस्त 2023 और 26 अगस्त 2024 के शासनादेशों के जरिए मंजूर किए गए थे। चीनी आयुक्तालय के अधिकारी संबंधित छह मिलों का दौरा कर जांच करेंगे। इस दौरान सहकारी समितियों (चीनी) के विशेष लेखा परीक्षक को भी मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुणे, सोलापुर, कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर के चीनी विभाग के संयुक्त निदेशकों को जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है।

किस मिल को कितना कर्ज मिला?
  • कर्मयोगी शंकरराव पाटील सहकारी चीनी मिल, पुणे- 150 करोड़ रुपये
  • नीरा-भीमा सहकारी चीनी मिल, पुणे- 75 करोड़ रुपये
  • श्री शंकर सहकारी चीनी मिल, सोलापुर- 113.42 करोड़ रुपये
  • भीमा सहकारी चीनी मिल, सोलापुर- 126.38 करोड़ रुपये
  • श्री रामेश्वर सहकारी चीनी मिल, जालना- 34.74 करोड़ रुपये
  • विश्वासराव नाईक सहकारी चीनी मिल, सांगली- 65 करोड़ रुपये

इन छह मिलों को कुल 564.54 करोड़ रुपये का कर्ज मिला है।

कई मिलों का राजनीतिक कनेक्शन
इनमें से कई चीनी मिलें महाराष्ट्र के प्रमुख राजनीतिक नेताओं से जुड़ी हैं। पुणे की कर्मयोगी शंकरराव पाटील और नीरा-भीमा मिलें पूर्व सहकारिता मंत्री हर्षवर्धन पाटील से जुड़ी हैं। दोनों मिलों को कुल 225 करोड़ रुपये मिले हैं।

सोलापुर की श्री शंकर सहकारी चीनी मिल का नेतृत्व पूर्व विधायक रणजीतसिंह मोहिते-पाटील करते हैं। वहीं भीमा सहकारी चीनी मिल का संबंध भाजपा सांसद धनंजय महाडिक और विश्वराज महाडिक से बताया गया है। जालना की श्री रामेश्वर सहकारी चीनी मिल पूर्व केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे-पाटील से जुड़ी है। सांगली की विश्वासराव नाईक सहकारी चीनी मिल का नेतृत्व मानसंगराव नाईक करते हैं, जो सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष हैं और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट से जुड़े नेता हैं।

रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते ने ChiniMandi से कहा कि जांच से यह पता चलेगा कि NCDC से मिले कर्ज का इस्तेमाल निर्धारित शर्तों के अनुसार कार्यशील पूंजी और पूंजीगत खर्च में किया गया या नहीं। उन्होंने कहा कि जांच के लिए अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद कर्ज के इस्तेमाल और उसकी अदायगी की रिपोर्ट पेश की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
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