Home›Khabar Junction›
Cyclone Destroys Crops Cm Naidu Visits Fields To Inspect Assures Help To Affected Farmers
चक्रवात से फसल बर्बाद : खेतों में मुआयना करने पहुंचे CM नायडू, हर प्रभावित किसान को मदद का भरोसा
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sat, 07 Nov 2026 02:55 PM IST
सार
आंध्र प्रदेश में चक्रवात मुरासु से किसानों की तैयार फसलें बर्बाद हो गईं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बापटला के प्रभावित खेतों का दौरा किया और हर पीड़ित किसान तक राहत पहुंचाने का भरोसा दिया।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू
- फोटो : सोशल मीडिया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि चक्रवात से प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास का काम तब तक जारी रहेगा, जब तक हर प्रभावित व्यक्ति तक सरकारी मदद नहीं पहुंच जाती। उन्होंने अधिकारियों को फसलों के नुकसान का सही आकलन करने और किसानों को जल्द राहत देने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बापटला जिले के चक्रवात प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चक्रवात मुरासु (Murasu) से बर्बाद हुई फसलों और पानी में डूबे खेतों का जायजा लिया। वह जिले के जिले्लमूड़ी से रेतुरू तक पैदल पहुंचे और रास्ते में किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने खेतों में जाकर धान की फसल देखी, जो बाढ़ के पानी में डूब गई थी। उन्होंने किसानों से पूछा कि खेती पर कितना खर्च आया था, कितनी पैदावार की उम्मीद थी और चक्रवात से कितनी फसल बर्बाद हुई है।
सिंचाई व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क कटाव से हुए नुकसान का भी जायजा लिया। किसानों ने उन्हें नल्लामाडा नाले के गेट खराब होने की जानकारी दी। इससे पानी के बहाव को नियंत्रित करने में परेशानी हो रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खराब गेटों की मरम्मत कराने और जरूरत के मुताबिक नए गेट लगाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने नाले की समस्या का स्थायी समाधान निकालने पर भी जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को फसल बीमा के बारे में जागरूक किया जाए। साथ ही, नियमित खेती का सीजन शुरू होने से पहले खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की योजना बनाई जाए, ताकि किसान चक्रवात का खतरा बढ़ने से पहले बुवाई पूरी कर सकें।
कटाई के समय चक्रवात ने पहुंचाया भारी नुकसान
रेतुरू में किसानों और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चक्रवात अर्नब और मुरासु से राज्य को काफी नुकसान हुआ है। खासकर किसानों की फसलें उस समय बर्बाद हुईं, जब वे कटाई के लिए तैयार थीं।
उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही अल नीनो के प्रभाव के कारण मुश्किलों का सामना कर रहे थे। हालांकि, पट्टीसीमा परियोजना के जरिए सिंचाई का पानी मिलने के बाद किसानों ने खेती की और अच्छी पैदावार की उम्मीद लगा रखी थी। लेकिन चक्रवात मुरासु ने उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। गुंटूर, बापटला और प्रकाशम जिले इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
फसल बीमा और इनपुट सब्सिडी से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चक्रवात से हुए नुकसान का व्यापक आकलन करा रही है। फसल बीमा और इनपुट सब्सिडी के जरिए किसानों को खेती में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी। अधिकारियों को नुकसान के आकलन की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखने और किसानों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि चक्रवात अर्नब के दौरान क्षतिग्रस्त हुए 30 हजार बिजली के खंभों को दोबारा ठीक कर दिया गया है। वहीं, चक्रवात मुरासु में 10 हजार और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। मछली और झींगा पालन वाले तालाबों तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम भी प्राथमिकता से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु से भी मदद मांगी गई है। राज्य सरकार ने केंद्र को चक्रवात से हुए नुकसान की जानकारी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य के हालात की जानकारी ली है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।