विज्ञापन
Home Khabar Junction Cm Mohan Yadav Announces 10 Hours Of Daytime Electricity For Farmers Narmada Water To Reach Satna Via Canals

MP: CM मोहन यादव का एलान, किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली, सतना तक नहरों से पहुंचेगा नर्मदा का पानी...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 22 Sep 2026 01:04 PM IST
सार

  • सतना क्षेत्र में नहरों के जरिए नर्मदा का पानी पहुंचाने की योजना है।
  • किसानों को हल्दी और अन्य मसाला फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • आधुनिक, प्राकृतिक और जैविक खेती के साथ उन्नत बीजों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • खेती के साथ डेयरी, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन से आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : AI Image
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों के लिए कई एलान किए हैं। इन एलानों में किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराना शामिल है। इसके साथ ही, सतना क्षेत्र में नहरों के जरिए नर्मदा नदी का पानी लाने की योजना भी बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने 19 सितंबर को उज्जैन से वर्चुअली जुड़कर सतना में आयोजित 'बलराम कृषि महोत्सव' को संबोधित करते हुए ये घोषणाएं कीं।

सिंचाई का विस्तार और नई फसलों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए नहरों से नर्मदा का पानी लाया जाएगा। इसके अलावा, केन-बेतवा लिंक परियोजना के माध्यम से मंदाकिनी नदी में पानी लाने का काम भी आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार के अनुसार, इन कदमों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना और कृषि उत्पादन को बढ़ाना है उन्होंने सतना में हल्दी की खेती की संभावनाओं पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को मसाला फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि उन्हें पारंपरिक फसलों के अलावा अतिरिक्त आमदनी के विकल्प मिल सकें।

आधुनिक और जैविक खेती को बढ़ावा
कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए राज्य सरकार आधुनिक कृषि विधियों को भी बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएंगे तथा आधुनिक और जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देगी ताकि किसान उत्पादन के अलग-अलग मॉडल अपना सकें। इसके अलावा, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के किसानों द्वारा पैदा किए गए धान की सरकारी माध्यमों से पूरी तरह खरीद सुनिश्चित की जाएगी।

डेयरी और पशुपालन से बढ़ेगी किसानों की आय
कृषि महोत्सव के दौरान, मुख्यमंत्री ने खेती के साथ-साथ पशुपालन और डेयरी गतिविधियों को जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने सतना के सोहावल गांव के एक प्रगतिशील किसान शांतिनारायण पांडेय से बातचीत की। पांडेय ने अपनी दूध प्रसंस्करण (मिल्क प्रोसेसिंग) इकाई की स्थापना और उसके संचालन के बारे में जानकारी दी।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने झिरी मझगवां के अनिल उपाध्याय से भी चर्चा की, जो जैविक खेती के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। डॉ. यादव ने इन किसानों के प्रयासों की सराहना की और अन्य किसानों से भी अपील की कि वे अतिरिक्त आय के लिए खेती के साथ डेयरी, प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाएं।

महोत्सव में किसानों को मिली तकनीकी जानकारी
सतना में आयोजित इस कृषि महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। कृषि विज्ञान केंद्र (मझगवां) के विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने किसानों को कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि इंजीनियरिंग और सहकारी गतिविधियों के बारे में तकनीकी जानकारी दी।

आयोजन के दौरान किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों और सरकारी योजनाओं से जुड़ा साहित्य भी बांटा गया। इस कार्यक्रम के जरिए किसानों को केवल फसल उगाने तक सीमित न रहकर बागवानी और मत्स्य पालन जैसे सहायक क्षेत्रों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।


विज्ञापन
विज्ञापन