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Up Water Power Minister Reviews Dams And Reservoirs In Purvanchal Directs Officials To Ensure Irrigation
पूर्वांचल में बांधों-जलाशयों का जल शक्ति मंत्री ने लिया जायजा: किसानों को सिंचाई जल सुनिश्चित करने का निर्देश
गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ
Published by: Umashankar Mishra
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:12 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और प्रयागराज जिलों में स्थित बांधों, बंधों और जलाशयों से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को बांधों की क्षमता बढ़ाने, भूजल स्तर रिचार्ज करने और किसानों को पेयजल व सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सिल्ट सफाई, डूब क्षेत्र सर्वे, बांध सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण कार्यों पर भी विशेष जोर दिया गया।
उत्तर प्रदेश में किसानों को सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी मुहैया कराने की दिशा में एक अहम बैठक सोमवार को वाराणसी में आयोजित हुई। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग ने मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और प्रयागराज जिलों में स्थित बांधों, बंधों और जलाशयों से जुड़े कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में शामिल रहे कई वरिष्ठ इंजीनियर
एक विज्ञप्ति के मुताबिक, इस समीक्षा बैठक में मुख्य अभियंता (सोन) संगठन, वाराणसी के सभी अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता मौजूद रहे।
बांध क्षमता बढ़ाने और भूजल रिचार्ज पर जोर
समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसानों को पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने हेतु बांधों की क्षमता बढ़ाने और भूजल स्तर रिचार्ज करने के लिए जरूरी कदम सुनिश्चित किए जाएं। जिन बांधों और जलाशयों में सिल्ट सफाई (डी-सिल्टिंग) की जरूरत है, उनसे जुड़ी परियोजनाएं तुरंत तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
डूब क्षेत्र का सर्वे और डीएमएफ फंड से रखरखाव
मंत्री ने निर्देश दिया कि डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का सर्वे किया जाए और जरूरत के अनुसार खारिज-दाखिल की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सोनभद्र जिले में बांधों के रखरखाव कार्य के लिए जिलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर डीएमएफ (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) फंड का इस्तेमाल करने की बात भी कही गई।
बांध सुरक्षा अधिनियम के प्रोटोकॉल का पालन
बैठक में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि बांधों के पुनरुद्धार की परियोजना तैयार की जाए और बांध सुरक्षा अधिनियम (Dam Safety Act) के प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित मानकों के तहत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता पर विशेष ध्यान
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बांधों और जलाशयों से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि किसानों और आम जनता को योजनाओं का अपेक्षित लाभ मिल सके।
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