हरियाणा सरकार ने किसानों को राहत देते हुए खरीफ फसलों के पंजीकरण के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल दोबारा खोलने का फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार, अब 27 सितंबर तक किसान अपनी जमीन और फसल की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे।
पंजीकरण के बाद होगा सत्यापन, सही जानकारी भरें
सरकार का कहना है कि किसानों की ओर से दर्ज की गई जमीन और फसल की जानकारी का सत्यापन करने के लिए सैटेलाइट डाटा और खेत का निरीक्षण किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही फसल पंजीकरण मान्य होगा। किसान सही जानकारी भरें, जिससे सत्यापान और एमएसपी पर उपज बेचने के दौरान कोई समस्या का सामना न करना पड़े।
9 लाख किसानों ने फसल कराई पंजीकृत
इस खरीफ हरियाना के 9 लाख किसानों ने 57 लाख एकड़ में खरीफ फसलों का पंजीकरण कराया है। इसमें धान, कपास और बाजरा समेत दूसरी फसलें शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, 3,85,442 किसानों ने 24 लाख एकड़ में गैर-बासमती धान (परमल) का पंजीकरण कराया है। वहीं करीब 2 लाख किसानों ने 10,04,801 एकड़ में बासमती धान का पंजीकरण कराया है। इस तरह बासमती और गैर-बासमती धान का कुल पंजीकृत क्षेत्र करीब 34 लाख एकड़ है।
इसके अलावा करीब 1 लाख किसानों ने 5 लाख एकड़ में कपास और 3 लाख किसानों ने करीब 13 लाख एकड़ में बाजरा का पंजीकरण कराया है। सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, 21 से 27 सितंबर के बीच संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी किसानों को फसल पंजीकरण पूरा करने में जरूरी सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।
धान खरीद को लेकर सीएम का निर्देश
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि सरकार किसानों की धान की पूरी उपज खरीद सुनिश्चित करेगी। उन्होंने खरीद सीजन के दौरान लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
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