5 से 11 नवंबर के बीच तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान।
चक्रवाती तूफान मुरासु कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदला, दक्षिण भारत के मौसम पर दिख रहा असर।
तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 5 से 8 नवंबर तक 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी।
उत्तर भारत के पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में मौसम साफ रह सकता है।
5 से 11 नवंबर के बीच देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मुरासु नाम के चक्रवाती तूफान कमजोर होकर एक कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है। इसका सीधा असर पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में देखने को मिल रहा है। इसके प्रभाव से कई राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के अनुसार, 5 और 6 नवंबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही, केरल और माहे में भी 6 से 8 नवंबर के बीच तेज बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के इलाकों में 5 से 8 नवंबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की भी चेतावनी दी गई है। किसानों और आम लोगों को तेज हवाओं और बिजली से सतर्क रहने को कहा गया है।
मध्य और पूर्वी भारत में भी दिखेगा असर
5 और 6 नवंबर को विदर्भ और छत्तीसगढ़ में हल्की से छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके अलावा, ओडिशा में 5 से 7 नवंबर के बीच और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 8 से 11 नवंबर तक व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है। 5 नवंबर को ओडिशा के कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
उत्तर, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में मौसम रहेगा साफ
उत्तर भारत के किसानों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने कहा है कि इस पूरे हफ्ते उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मौसम पूरी तरह से साफ रहने की संभावना है।
खेतों में जलभराव से फसलों को बचाने की सख्त सलाह
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष कृषि सलाह जारी की है। तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के किसानों को सलाह दी गई है कि वे धान, मक्का, कपास, मूंगफली और सब्जियों के खेतों में जलभराव को रोकने के लिए पानी निकासी की तुरंत व्यवस्था करें। जिन खेतों में फसल पक चुकी है, वहां कटाई फिलहाल रोक देने और पहले से कटी हुई उपज को सुरक्षित व ढके हुए स्थानों पर रखने को कहा गया है। केले और पपीते जैसे कमजोर तने वाले पौधों को तेज हवा से गिरने से बचाने के लिए लकड़ी या बांस का सहारा देने की भी सलाह दी गई है।
पशुओं और मछली पालकों के लिए जरूरी निर्देश
IMD के अनुसार, खराब मौसम, तेज़ हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए पशुपालकों को अपने मवेशियों को शेड के अंदर ही सुरक्षित रखने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही पशुओं के चारे को भी भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा गया है। मछली पालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने तालाबों के आसपास जाली (नेट) लगा दें, ताकि भारी बारिश के कारण पानी छलकने पर मछलियां बहकर बाहर न निकल जाएं।