कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्नाटक और महाराष्ट्र में सूखे का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीमें भेजने का एलान किया है। आगामी रबी सीजन की रणनीति तैयार करने के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव का सीधा असर खरीफ सीजन पर मजसूस किया गया है।
3 अक्टूबर को कर्नाटक जाएगी टीम, कृषि मंत्री भी करेंगे दौरा
कृषि मंत्री के अनुसार, केंद्र की एक टीम 3 अक्तूबर को सूखे का जायजा लेने के लिए कर्नाटक भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले पर उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से भी बात हुई है, जो राज्य की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। बातचीत के बाद महाराष्ट्र में भी एक केंद्रीय टीम भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, मंत्री ने आश्वासन दिया कि वह खुद अपनी टीम के साथ सूखे के इस संकट का सामना कर रहे राज्यों का दौरा करेंगे।
चार राज्यों पर मंडरा रहा सूखे का संकट
कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि कर्नाटक ने अपने यहां सूखा घोषित कर दिया है, जबकि महाराष्ट्र में भी लगभग दो-तिहाई हिस्से में सूखा घोषित किया गया है। महाराष्ट्र और कर्नाटक के साथ-साथ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी सूखे का गंभीर संकट मंडरा रहा है।
शिवराज ने दिया राज्यों के साथ खड़े रहने का भरोसा
शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित सभी सूखा प्रभावित राज्यों के अधिकारियों से खरीफ फसलों पर मंडरा रहे इस खतरे से निपटने का आग्रह किया। कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस संकट की घड़ी में राज्यों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ जगहों पर निश्चित रूप से फसलें प्रभावित हुई हैं, लेकिन हर जगह फसल खराब नहीं हुई है। कई स्थानों पर फसल बहुत अच्छी है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में सूखे और पानी की कमी का खतरा बना हुआ है।
मौसम में हो रहा बदलाव
सम्मेलन के दौरान बदलते मौसम चक्र का जिक्र करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि साल के इस समय आमतौर पर भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार असामान्य रूप से ठंड का मौसम पहले ही शुरू हो गया है। इसके अलावा, उन्होंने जानकारी दी कि एक दिन पहले उत्तर प्रदेश से भी बेमौसम बारिश के कारण लोगों की जान जाने की खबरें आई हैं।
जलवायु परिवर्तन ने खरीफ सीजन को लेकर चिंता खड़ी की
कृषि मंत्री ने अल नीनो के प्रभाव से जुड़ी चिंताओं का भी उल्लेख किया। हालांकि, उन्होंने खरीफ सीजन के दौरान कृषि अधिकारियों और उनकी टीमों द्वारा किए गए काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब हम रबी सीजन की बात करते हैं, तो हमें खरीफ सीजन को भी ध्यान में रखना होगा। इस बार जलवायु परिवर्तन ने खरीफ को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है। कृषि मंत्री के अनुसार, सभी को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा और आगामी रबी सीजन के लिए भी पूरी तैयारी करनी होगी।