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Home› Khabar Junction› Central Team To Visit Drought Hit Marathwada Starting Today Aid Amount To Be Determined Based On The Report

सूखे की मार झेलने वाले मराठवाड़ा में आज से केंद्रीय टीम का दौरा : रिपोर्ट से तय होगा सहायता राशि का आंकड़ा...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 09 Oct 2026 11:28 AM IST
सार

  • महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में सूखे का जायजा लेने पहुंची केंद्र सरकार की टीम
  • छत्रपति संभाजीनगर, जालना और बीड के प्रभावित इलाकों का होगा निरीक्षण
  • बारिश की कमी, फसल नुकसान, पेयजल और चारे की उपलब्धता की होगी समीक्षा
  • केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर सूखा राहत सहायता पर होगा फैसला
  • रबी की बुवाई से पहले किसानों के सामने सिंचाई और पानी की उपलब्धता की चुनौती

महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में केंद्र सरकार की टीम सूखे का जायजा लेने में जुटी है।
महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में केंद्र सरकार की टीम सूखे का जायजा लेने में जुटी है। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार की टीम सूखे का जायजा लेने के लिए आज से अपना दौरा शुरू कर रही है। इस दौरे में टीम बारिश की कमी से लेकर चारे की उपलब्धता और फसल नुकसान तक की समीक्षा करेगी। यह दौरा काफी अहम है, क्योंकि इसी टीम की जांच रिपोर्ट तय करेगी कि महाराष्ट्र को राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि से कितनी सहायता राशि मिलेगी, जिसका एक बड़ा हिस्सा किसानों तक पहुंचेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव मुकुंदन अग्रवाल इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। यह टीम छत्रपति संभाजीनगर, जालना और बीड जिलों के सूखा प्रभावित इलाकों का दो दिनों तक दौरा करेगी।

संकट टला नहीं है, पेयजल-सिंचाई के मोर्च पर चुनौती 
महाराष्ट्र के लिए चुनौती का दौर अभी तक खत्म नहीं हुआ है। रबी फसलों की बुवाई का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में पानी का संकट किसान आय पर आगे भी दबाव डाल सकता है।  आगामी संकट को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जल प्रबंधन का पूरा प्लान तैयार कर लिया है, जिसके तहत पेयजल को पहली प्राथमिकता दी गई है। 

राज्य के अधिकारियों ने केंद्रीय टीम के सामने बारिश, फसल नुकसान, पेयजल स्रोतों और चारे की स्थिति से जुड़े जिलावार आंकड़े रखे और साथ ही अगले सात महीनों की जरूरतों का अनुमान भी पेश किया।

शुक्रवार और शनिवार के दौरे का कार्यक्रम
जानकारों के अनसुार,  शुक्रवार के दिन केंद्रीय टीम सबसे पहले छत्रपति संभाजीनगर जिले के शेंद्रा और नानेगांव का दौरा करेगी। इसके बाद जालना जिले के बदनापुर तालुका में किनगांव वाड़ी व जामखेड और फिर अंबड जाएगी, जहां स्थानीय अधिकारी टीम को बारिश, फसलों की हालत और जलस्रोतों की जानकारी देंगे।

इसके बाद टीम बीड जिले का रुख करेगी और गेवराई तालुका के सूखाग्रस्त इलाकों (अर्धमसाला और पारगांव जापती सहित) का निरीक्षण कर रात वहीं विश्राम करेगी। शनिवार को टीम मंजरसुंभा, खंडाला, वैद्य किन्ही, सोनेगांव और पाटोदा तालुका के इलाकों का दौरा करेगी। इसके बाद बीड के जिलाधिकारी (कलेक्टर) के साथ समीक्षा बैठक की जाएगी और फिर टीम छत्रपति संभाजीनगर होते हुए नवी मुंबई लौट जाएगी।

विदर्भ और दूसरे जिलों में भी केंद्रीय टीमें सक्रिय
अधिकारियों ने मराठवाड़ा के इस दौरा को पूरे राज्य में सूखे की स्थिति के केंद्रीय आकलन का एक हिस्सा बताया है। राज्य के दूसरे इलाकों के लिए भी अलग टीमें तैनात की गई हैं। एक दूसरी टीम अहिल्यानगर और सोलापुर जिलों का मुआयना कर रही है, जबकि एक दूसरी टीम विदर्भ के यवतमाल, वाशिम और आसपास के जल संकट वाले इलाकों में हालात का जायजा ले रही है।


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