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Bihar Subsidy: बांस उगाने पर किसानों को सब्सिडी देगी सरकार, इन 21 जिलों में योजना लागू, जानें पात्रता...

गांव जंक्शन डेस्क, पटना Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 13 Oct 2026 05:38 PM IST
सार

  • बिहार सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत 21 जिलों में बांस की खेती को प्रोत्साहित करेगी।
  • पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 36 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
  • अनुदान के लिए किसान के पास कम से कम 10 और अधिकतम 50 डिसमिल जमीन होना जरूरी है।
  • अधिकारियों, कृषि कर्मियों और बांस से जुड़े कारीगरों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

बांस उगाने पर बिहार सरकार देगी सब्सिडी।
बांस उगाने पर बिहार सरकार देगी सब्सिडी। - फोटो : AI Image
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विस्तार
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बिहार सरकार ने 2026-27 में राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत प्रदेश के 21 जिलों में बांस की खेती पर सब्सिडी देने का फैसला लिया है। इस कदम का मकसद प्रदेश की खाली या उपलब्ध कृषि भूमि का अधिक से अधिक बेहतर उपयोेग करना और बांस के कुल उत्पादन में उछाल लाना है।

36 हजार रुपये तक का मिलेगा अनुदान
इस कदम के तहत बांस की खेती अपनाने वाले पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 36 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा।

क्या है पात्रता?
इस योजना का लाभ लेने के लिए भू-स्वामित्व की एक अहम शर्त तय की गई है। अनुदान पाने के लिए किसान के पास कम से कम 10 डिसमिल और अधिकतम 50 डिसमिल जमीन होना अनिवार्य है। इस तय सीमा के अंदर बांस की खेती कर किसान सरकारी मदद के लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इससे किसानों को पारंपरिक फसलों के अलावा कमाई का एक नया और टिकाऊ साधन मिले। साथ ही, बांस से जुड़ी विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों का भी विस्तार किया जाएगा।

अधिकारियों और कारीगरों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
योजना को जमीन पर सही तरीके से लागू करने के लिए ट्रेनिंग का भी प्रावधान किया गया है। इसके सुचारू संचालन के लिए प्रक्षेत्र प्रभारी, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकारों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इसके अलावा, बांस से हस्तशिल्प और अन्य उत्पाद बनाने वाले स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों तथा उद्यमियों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रशिक्षण के जरिए बांस से बनने वाले नए उत्पादों के निर्माण और उनके व्यावसायिक कारोबार को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में पैदा होंगे रोजगार के नए अवसर
अंचलाधिकारी मौनी बहन के अनुसार, सरकार की इस योजना का प्रमुख लक्ष्य किसानों को कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है। अंचलाधिकारी ने बताया कि सहरसा सहित सभी चयनित जिलों में बांस उत्पादन और इससे संबंधित रोजगारपरक गतिविधियों के बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अनेक नए अवसर पैदा होंगे। बांस उत्पादों के निर्माण और बिक्री से स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन मजबूत होंगे, जिससे किसानों के साथ-साथ स्थानीय कारीगरों की आय में भी बढ़ोतरी संभव हो सकेगी।


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