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बिहार के मखाने की यूरोप तक पहुंची धमक : पूर्णिया से मखाने की खेप ग्रीस रवाना, किसानों को मिला ज्यादा भाव...

गांव जंक्शन डेस्क, चंडीगढ़ Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 02 Oct 2026 02:33 PM IST
सार

  • बिहार से ग्रीस भेजा गया 1 टन मखाना
  • किसानों घरेलू बाजार की तुलना में मिला ज्यादा दाम
  • पारंपरिक देशों से आगे बढ़कर भारतीय मखाना नए बाजारों में अपनी जगह बना रहा है।
  • 2025-26 में बिहार से 20 से ज्यादा देशों को 7 हजार टन मखाने का निर्यात हुआ 
  • मखाना किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए निर्यात एक अहम माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार के मखाना ने ग्रीस में बनाई अपनी जगह।
बिहार के मखाना ने ग्रीस में बनाई अपनी जगह। - फोटो : प्रतीकात्मक
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बिहार के किसानों ने मखाना निर्यात के मोर्चे पर एक और उपलब्धि हासिल की है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश के पूर्णिया से एक मीट्रिक टन मखाने की खेप ग्रीस के लिए रवाना हुई है। इस निर्यात को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी एपीडा का सहयोग मिला है।

मुंद्रा पोर्ट से ग्रीस तक का सफर, किसानों को ज्यादा भाव
यह खेप पूर्णिया के बेलौरी स्थित इंडो ग्लोबल एक्सपोर्ट से ली गई है और इसे नई दिल्ली की कंपनी मैसर्स एस. एस. फूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से ग्रीस भेजा जा रहा है। यह माल भारत के मुंद्रा बंदरगाह से ग्रीस के पिरायस बंदरगाह तक पहुंचाया जाएगा। इस निर्यात के माध्यम से मखाना उत्पादन किसानों को घरेलू बाजार के मुकाबले ज्यादा दाम मिला है। इससे साबित होता है कि मखाना किसानों के लिए विदेशी बाजार आमदनी बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है। 

बिहार मखाना उत्पादन का हब
भारत मखाना उत्पादन के मामले में विश्व में सबसे आगे है, जिसमें अकेले बिहार का योगदान देश के कुल उत्पादन का लगभग 80 से 85 प्रतिशत है। बिहार के 10 जिलों में 35,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मखाना की खेती की जाती है। इस क्षेत्र को सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) और दरभंगा स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र से जरूरी तकनीकी सहयोग भी मिल रहा है।

भारतीय मखाने को मिल रहे नए बाजार 
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह ताजा खेप बिहार के उत्पादकों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की कोशिशों का हिस्सा है। पारंपरिक बाजारों से अलग हटकर यूरोपीय बाजारों में मखाना का विस्तार होने से भारतीय उत्पादकों को विविधता और नए व्यापारिक अवसर मिल रहे हैं।

2025-26 में 20 से ज्यादा देशों में पहुंचा मखाना
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस निर्यात को राज्य के मखाना क्षेत्र के लिए एक अहम उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का मखाना लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रहा है। कृषि मंत्री के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय देशों में 2.2 करोड़ डॉलर मूल्य का 7,000 मीट्रिक टन से अधिक मखाना और इसके मूल्य वर्धित उत्पाद निर्यात किए हैं। एपीडा स्थानीय किसानों और उत्पादक समूहों को अंतरराष्ट्रीय मांग से जोड़ने और उन्हें निर्यात श्रृंखला का हिस्सा बनाने के लिए लगातार सहायता प्रदान कर रहा है।


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